फ्रांस में जीवन-यापन के बढ़ते खर्च और महंगाई के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शनों में 1,200 लोग गिरफ्तार हुए हैं और 150 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए हैं।
पेरिस (फ्रांस)। फ्रांस में बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन के भारी खर्च के खिलाफ शनिवार को हुए प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया। देश भर में चले इस जन-आंदोलन के दौरान पुलिस ने 1,200 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया, जबकि हिंसक झड़पों में 150 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए।
छात्रों के प्रदर्शन से सुलग उठी चिंगारी
फ्रांस24 की रिपोर्ट के मुताबिक, यह विरोध प्रदर्शन मूल रूप से छात्रों के नेतृत्व में शुरू हुआ था। शुरुआत में छात्र शिक्षा के बजट में कटौती और स्कूलों की खस्ताहाल स्थिति का विरोध कर रहे थे। हालांकि, यूरोप के कई हिस्सों में महंगाई के खिलाफ सुलग रहे असंतोष के बीच यह आंदोलन तेजी से फैल गया और देखते ही देखते हिंसक हो गया।
पेरिस में रिकॉर्ड गिरफ्तारियां और हिंसा
पेरिस पुलिस के अनुसार, अकेले राजधानी में 855 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिसे पुलिस ने एक "रिकॉर्ड आंकड़ा" बताया है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पेरिस की डिप्टी मेयर लामिया अल आराजे ने कहा, "राजधानी में इस स्तर की हिंसा देखी गई है, जो मेरे खयाल से पहले कभी नहीं देखी गई थी।" वहीं, एक स्थानीय मीडिया चैनल के हवाले से यह भी सामने आया कि 143 साल पुराने ऐतिहासिक लिमोगेस टाउन हॉल में लगी भीषण आग पर कड़ी मशक्कत के बाद काबू पा लिया गया है।
सरकार और प्रशासनिक आंकड़े
इससे पहले, फ्रांस के आंतरिक मंत्री लॉरेंट नुनेज़ ने फ्रांस24 को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि क्रय शक्ति में आई गिरावट के खिलाफ हुए इन प्रदर्शनों में कुल 5,50,000 लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 1,10,000 प्रदर्शनकारी अकेले राजधानी पेरिस में मौजूद थे। प्रशासन के मुताबिक, तोड़फोड़ और उपद्रव के आरोप में अब तक 400 से अधिक लोगों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया जा चुका है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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