पाक अधिकृत कश्मीर में बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा पर बढ़ते खर्च ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इसे लेकर युवाओं में निराशा बढ़ रही है। यह निराशा अब सड़कों पर दिख रही है।
मुजफ्फराबाद। पाक अधिकृत कश्मीर में बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा पर बढ़ते खर्च ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इसे लेकर युवाओं में निराशा बढ़ रही है। यह निराशा अब सड़कों पर दिख रही है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के वरिष्ठ नेता सैयद सुजात काजमी ने चेताया है कि आर्थिक दबाव बढ़ने और गवर्नेंस की विफलता से युवा सड़कों पर उतरने और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन को विवश हैं।
विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की महंगी फीस गरीब परिवारों के लिए बन गया है बोझ
इन मुद्दों का उल्लेख करते हुए काजमी ने कहा कि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की फीस में तेज बढ़ोतरी से गरीब परिवारों के लिए उच्च शिक्षा का बोझ असहनीय हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया गया तो छात्रों और अभिभावकों का बढ़ता आर्थिक तनाव और युवकों का गुस्सा और बढ़ाएगा। इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ेगी। काजमी ने कहा कि अगर आप विश्वविद्यालयों की फीस पर लगाम कस सकते हैं तो गरीब परिवार अपने बच्चों की पढाई का खर्च उठा सकते है। उच्च शिक्षा, खासकर विश्वविद्यालयों की शिक्षा बहुत महंगी हो गई है। यही स्थिति कॉलेजों की भी है। निजी क्षेत्र की स्थिति और खराब है।
काजमी ने पाक अधिकृत कश्मीर, विशेषकर दूरदराज के क्षेत्रों में विकास के मामले में विफलता की ओर ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने कहा कि जनता साफ पानी, स्वास्थ्य सुविधाओं और बेशिक शिक्षा की आधारभूत संरचना के लिए जूझ रही है। बाढ़ में जो विद्यालय भवन गिर गए हैं, उनकी वर्षों बाद भी मरम्मत नहीं हुई।
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