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America - Iran : अमेरिका - ईरान के बीच तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल रूपये के अवमूल्यन का भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर नकारात्मक असर पड़ा है। कच्चे तेल के आयात पर खर्च बढ़ने से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट आयी है। लगातार तीन सप्ताह तक बढ़ने के बाद यह पहली बड़ी गिरावट है।
आरबीआई द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में कुल विदेशी मुद्रा भंडार 4.82 अरब डॉलर घटकर 698.49 अरब डॉलर रह गया। इससे पहले, अप्रैल के तीन सप्ताह में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में $14 billion से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई थी। इससे पहले 27 फरवरी 2026 को देश का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ कर $728.494 billion के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था। नमस्ते हालांकि फिर मार्च 2026 के 4 सप्ताह के दौरान भंडार से $40 billion से भी ज्यादा की विदेशी मुद्रा की निकासी हुई थी।
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में यह गिरावट ऐसे समय आई है, जब वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच रुपया दबाव में है और आरबीआई मुद्रा की अस्थिरता को कम करने के लिए हस्तक्षेप कर रहा है। बाजार में आरबीआई की संभावित सक्रियता को लेकर चर्चा है। रिजर्व बैंक ने डॉलर की मांग को कम करने और रुपये में भारी गिरावट को रोकने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार का उपयोग किया है और सट्टेबाजी को रोकने के लिए कदम उठाए हैं।
भारत के मुद्रा भंडार में यह गिरावट डॉलर के रेट के आधार पर आयी है। लेकिन रुपये के मूल्य पर देखा जाए तो भंडार में कुल रिजर्व 47,758 करोड़ बढ़कर 65.82 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इसका मतलब है कि विनिमय दर और वैल्यूएशन के कारण रुपये की दृष्टि से मुद्रा भंडार मजबूत स्थिति में है।
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, मार्च में भारत का कुल आयात 76.55 अरब डॉलर रहा। इस आधार पर 698.49 अरब डॉलर का मौजूदा भंडार करीब 9.1 महीने के कुल आयात के बराबर है। सिर्फ माल आयात देखें, जो मार्च में 59.59 अरब डॉलर था। ऐसे में यह भंडार 11.7 महीने के आयात के लिए पर्याप्त है।
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, बीते सप्ताह भारत के स्पेशल ड्रॉइंग राइट या विशेष आहरण अधिकार (SDR) में मामूली कमी हुई है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान एसडीआर में $67 million की कमी हुई है। इससे एक सप्ताह पहले इसमें $78 million की बढ़ोतरी हुई थी। अब यह घट कर $18.774 billion का रह गया है। इसी सप्ताह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास रखे हुए देश के रिजर्व मुद्रा भंडार में भी $15 million की कमी हुई है। इस समय अपना आईएमएफ रिजर्व $4.855 billion का है।
रिजर्व बैंक द्वारा जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार 24 अप्रैल 2026 को समाप्त सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 2.84 अरब डॉलर घटकर 554.62 अरब डॉलर रह गईं। सोने के भंडार का मूल्य भी 1.90 अरब डॉलर घटा है। आरबीआई के मुताबिक, भारत की विदेशी मुद्रा आस्तियों (Foreign Currency Asset) में $2.841 billion की कमी हुई है। इससे एक सप्ताह पहले भी इसमें $1.481 billion की बढ़ोतरी हुई थी। अब अपना एफसीए भंडार घट कर $554.622 billion का रह गया है।
उल्लेखनीय है कि देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में विदेशी मुद्रा आस्तियां या फॉरेन करेंसी असेट (FCA) एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। डॉलर में अभिव्यक्त किये जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों में यूरो, पौंड और येन जैसे गैर अमेरिकी मुद्राओं में आई घट-बढ़ के प्रभावों को भी शामिल किया जाता है।
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान रिजर्व बैंक के सोने के भंडार की वैल्यू में $1.897 billion की कमी हुई है। इससे एक सप्ताह पहले इसमें $790 million की बढ़ोतरी हुई थी। अब अपने सोने के भंडार का वैल्यू घट कर $120.236 billion का रह गया है। उल्लेखनीय है कि मार्च 2026 के अंत में आरबीआई के पास सोने का भंडार 880.52 टन का हो गया था। यह देश के कुल फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व का करीब 16.7% बैठता है। इसके मूल्य में कमी होती है यह कुल विदेशी मुद्रा भंडार को प्रभावित करता है।
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