अमेरिका से कनाडा में अवैध हथियार तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। न्यूयॉर्क पुलिस और संघीय एजेंसियों ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक पाकिस्तानी नागरिक भी है।
न्यूयॉर्क। अमेरिका से कनाडा में अवैध रूप से आग्नेयास्त्रों की तस्करी के एक बड़े प्रयास का खुलासा हुआ है। न्यूयॉर्क राज्य पुलिस और संघीय एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल है।
89 हथियारों के साथ पकड़े गए आरोपी
आरोप है कि तीनों आरोपी अमेरिका से कनाडा में कुल 89 आग्नेयास्त्रों की तस्करी करने की कोशिश कर रहे थे। इनमें से कम से कम 17 हथियार चोरी के बताए गए हैं। यह कार्रवाई न्यूयॉर्क स्टेट रूट 90 पर एक ट्रैफिक जांच के दौरान हुई। जांच के दौरान पुलिस को संदिग्धों के जवाबों में असंगति मिली, जिसके बाद वाहन की तलाशी ली गई। तलाशी में बड़ी मात्रा में हथियार बरामद हुए, जिनमें कुछ अतिरिक्त हथियार पीछे की सीट पर छिपाए गए थे।
आरोपियों की पहचान और नागरिकता
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार बताई गई है—
- 22 वर्षीय मलिक ब्रोमफील्ड (कनाडाई नागरिक)
- 25 वर्षीय फैजान अली (पाकिस्तानी नागरिक)
- 22 वर्षीय कमाल सलमान (कनाडा, अमेरिका और जॉर्डन से जुड़ा नागरिक)
पाकिस्तानी दस्तावेज भी मिला
जांच में फैजान अली के पास एक समाप्त हो चुका पाकिस्तानी राष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट भी मिला, जो किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर जारी किया गया था।
गंभीर आरोपों में मामला दर्ज
तीनों आरोपियों पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें शामिल हैं—
- अमेरिका से हथियारों की तस्करी
- बिना लाइसेंस हथियार व्यापार
- चोरी के हथियारों का अंतरराज्यीय परिवहन
- अवैध हथियार कब्जा
इसके अलावा एक आरोपी पर विदेशी नागरिक द्वारा अवैध हथियार रखने का अतिरिक्त आरोप भी है।
सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई
इस कार्रवाई में Federal Bureau of Investigation (FBI), Bureau of Alcohol, Tobacco, Firearms and Explosives (ATF) और न्यूयॉर्क स्टेट पुलिस ने संयुक्त रूप से भाग लिया। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की तस्करी सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है और इसे रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अदालत में पेशी और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को व्हाइट प्लेन्स संघीय अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यदि आरोप साबित होते हैं, तो आरोपियों को 5 से 15 साल तक की सजा हो सकती है। अंतिम सजा अदालत द्वारा तय की जाएगी। अधिकारियों ने कहा है कि इस मामले में आगे भी जांच जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हथियारों की यह खेप किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा थी या नहीं।
एएनआई ।
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