बांग्लादेश हिंदू सम्मेलन संघ ने पाकिस्तान में ऐतिहासिक रामलीला मंदिर सील करने की निंदा की और मंदिर की सुरक्षा व धार्मिक गतिविधियां बहाल करने की मांग की।
ढाका: बांग्लादेश हिंदू सम्मेलन संघ ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के डेरा इस्माइल खान में स्थित सदियों पुराने ऐतिहासिक रामलीला मंदिर को सील किए जाने और उसे व्यावसायिक इमारत में बदलने की कथित कोशिशों की कड़ी निंदा की है। संगठन ने पाकिस्तान सरकार से मंदिर की सुरक्षा सुनिश्चित करने और वहां धार्मिक गतिविधियों को बहाल करने की मांग की है। शनिवार को ऐतिहासिक रामलीला मंदिर को बंद करने और वहां व्यावसायिक इमारत बनाने की कोशिशों से जुड़ी खबरें सामने आने के बाद बांग्लादेश हिंदू सम्मेलन संघ ने विरोध जताया। संगठन ने अपने बयान में कहा कि किसी भी पूजा स्थल को नष्ट करने या जबरन बंद करने का प्रयास मानवाधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता का गंभीर उल्लंघन है। बयान में कहा गया, "हमारा संगठन, जो महान मुक्ति संग्राम की गैर-सांप्रदायिक भावना, समानता और धार्मिक स्वतंत्रता के मूल मंत्र में दृढ़ विश्वास रखता है, किसी भी पूजा स्थल को नष्ट करने या जबरन बंद करने के प्रयास को बुनियादी मानवाधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता का गंभीर उल्लंघन मानता है।"
मंदिर की जगह व्यावसायिक इमारत बनाने की कोशिश का विरोध
संगठन ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए ऐतिहासिक रामलीला मंदिर को ध्वस्त कर उसकी जगह व्यावसायिक इमारत बनाने की कथित योजना पर चिंता जताई। उसने इसे धार्मिक विरासत और सांप्रदायिक सद्भाव के लिए नुकसानदायक बताया। बयान में स्थानीय हिंदू समुदाय और नागरिक समाज के सदस्यों की भी सराहना की गई, जिन्होंने ऐतिहासिक इमारत को गिराए जाने के कथित प्रयासों का विरोध किया। संगठन ने कहा, "ऐतिहासिक संरचना को नष्ट करने के इस प्रयास के खिलाफ स्थानीय हिंदू समुदाय और नागरिक समाज के सदस्यों द्वारा किए गए साहसी प्रतिरोध के प्रति हम अपनी एकजुटता और पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हैं।"
पाकिस्तान सरकार से मंदिर की सुरक्षा की मांग
बांग्लादेश हिंदू सम्मेलन संघ ने पाकिस्तान सरकार से ऐतिहासिक मंदिर की सुरक्षा तत्काल सुनिश्चित करने और वहां व्यावसायिक परिसर बनाने के सभी प्रयासों को स्थायी रूप से रोकने का आह्वान किया। संगठन ने मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों और रीति-रिवाजों को संपन्न करने का अधिकार बहाल करने के साथ-साथ इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। बयान में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दुनिया भर में अल्पसंख्यकों के अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अधिक प्रभावी कदम उठाने की अपील की गई।
डेरा इस्माइल खान में मंदिर को किया गया सील
इससे पहले रविवार को पाकिस्तान के डेरा इस्माइल खान के रहीम बाजार स्थित ऐतिहासिक रामलीला मंदिर को अधिकारियों ने सील कर दिया था। इस कार्रवाई के बाद मंदिर की सुरक्षा और उसके भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, नागरिक समाज के कार्यकर्ताओं ने कुछ दिन पहले व्यावसायिक प्लाजा बनाने के लिए मंदिर की इमारत को गिराए जाने से रोकने के उद्देश्य से हस्तक्षेप किया था। सार्वजनिक विरोध के बाद सहायक आयुक्त हामिद सिद्दीक ने मंदिर को सील कर दिया था और निर्माण कार्य रोक दिया गया था।
हिंदू समुदाय और नागरिक समाज ने उठाई आवाज
मंदिर को हाल ही में सील किए जाने के बाद स्थानीय निवासियों और विरासत संरक्षण से जुड़े लोगों ने ऐतिहासिक इमारत के भविष्य को लेकर चिंता जताई है। इस बीच, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और हिंदू समुदाय के सदस्यों की एक संयुक्त बैठक भी हुई, जिसमें इमारत को गिराने की कथित योजनाओं पर चर्चा की गई। बैठक में शामिल लोगों ने प्रस्तावित व्यावसायिक निर्माण का विरोध किया और निर्वाचित प्रतिनिधियों से इस मुद्दे को पाकिस्तान की राष्ट्रीय सभा में उठाने का आग्रह किया।
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