प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम

हमास ने सोमवार को सात बंधकों को रिहा किया

हमास ने इजराइल के सात बंधकों को छोड़ा

तेल अवीव। हमास ने सोमवार को सात बंधकों को ‘रेड क्रॉस’ के हवाले कर दिया। यह इजरायल-हमास युद्धविराम के तहत रिहा किया जाने वाला पहला बैच है।

हमास ने इजराइल के सात बंधकों को छोड़ा

हमास ने इजराइल के सात बंधकों को छोड़ा

हमास ने सोमवार को सात बंधकों को रिहा किया

तेल अवीव। हमास ने सोमवार को सात बंधकों को ‘रेड क्रॉस’ के हवाले कर दिया। यह इजरायल-हमास युद्धविराम के तहत रिहा किया जाने वाला पहला बैच है। हमास का कहना है कि इजरायल द्वारा बंदी बनाए गए 1,900 से अधिक फलस्तीनी कैदियों के बदले 20 जीवित बंधकों को रिहा किया जाएगा।

जैसे ही इजरायली टेलीविजन चैनलों ने बंधकों को रेड क्रॉस को सौंपे जाने की खबर दी, बंधकों के परिवार और दोस्तों में खुशी की लहर दौड़ गई। हजारों इजरायली देशभर में सरकारी टेलीविजन पर इन बंधकों की रिहाई को देख रहे थे। तेल अवीव में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठन ‘रेड क्रॉस’ की अंतरराष्ट्रीय समिति बंधकों की रिहाई की निगरानी कर रही है। हमास ने सोमवार को 1,900 से ज्यादा फलस्तीनी कैदियों की सूची जारी की थी। उसने कहा कि इन कैदियों को संघर्ष विराम के तहत रिहा किया जाएगा। युद्धविराम के तहत चरमपंथी समूह इजरायल के 20 जीवित बंधकों को रिहा करेगा। उनकी सूची भी जारी कर दी गई है। आज सात बंधकों को इसी युद्ध विराम के तहत ‘रेड क्रॉस’ को सौंपा। शुक्रवार दोपहर (स्थानीय समयानुसार सुबह नौ बजे) शुरू हुए इस युद्धविराम का उद्देश्य इजरायल और हमास चरमपंथी समूह के बीच अब तक लड़े गए सबसे घातक और विनाशकारी युद्ध को समाप्त करना है।
उल्लेखनीय है कि हमास द्वारा सात अक्टूबर, 2023 को इजरायल पर किए गए हमले के बाद इस युद्ध की शुरुआत हुई थी, जिसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए थे और 250 अन्य को बंधक बना लिया गया था। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार गाजा में युद्ध में 67,000 से अधिक फलस्तीनी मारे गए हैं। इजरायल भी गाजा से अपने 20 जीवित बंधकों की रिहाई के बाद उनके स्वागत की तैयारी में जुटा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अन्य नेताओं के साथ अपने प्रस्तावित समझौते और युद्ध के बाद की योजनाओं पर चर्चा करने के लिए क्षेत्र पहुंचने वाले हैं। युद्ध के कारण भुखमरी का सामना कर रहे गाजा में मानवीय सहायता में वृद्धि की उम्मीद हैं, जहां लाखों लोग बेघर हो गए हैं।