ईरानी विदेशमंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि ईरान के साथ युद्ध की लागत के बारे में 'पेंटागन झूठ बोल रहा है।
तेहरान। ईरानी विदेशमंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि ईरान के साथ युद्ध की लागत के बारे में 'पेंटागन झूठ बोल रहा है।' उन्होंने इस प्रकरण पर जोर देते हुए कहा कि वास्तविक आंकड़ा 100 अरब डॉलर है, जो अमेरिकी आधिकारिक अनुमान से चार गुना अधिक है।
‘जुआ युद्ध’ से भारी नुकसान का दावा
'एक्स' पर अपने पोस्ट में अराघची ने कहा है- 'इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के "जुआ युद्ध" की वजह से अमेरिका को अब तक सीधे तौर पर 100 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है।'
अमेरिकी परिवारों पर बढ़ता बोझ
उन्होंने आगे कहा, "अमेरिकी करदाताओं के लिए अप्रत्यक्ष लागतें कहीं अधिक हैं। प्रत्येक अमेरिकी परिवार का मासिक बिल 500 डॉलर है और यह तेजी से बढ़ रहा है।" उन्होंने गैलप का एक चार्ट भी साझा किया, जिसमें अपनी वित्तीय स्थिति खराब होने की बात कहने वाले अमेरिकियों की बढ़ती संख्या दिखाई गई है। साथ ही अमेरिकी राष्ट्रीय ऋण में हो रही लगातार वृद्धि का भी जिक्र किया।
‘इजराइल फर्स्ट, अमेरिका लास्ट’ टिप्पणी
अराघची ने कहा, "इजराइल फर्स्ट का मतलब हमेशा अमेरिका लास्ट होता है।" उनका यह बयान अमेरिकी अधिकारियों के दावों के विपरीत है। बुधवार को कांग्रेस की सुनवाई के दौरान अमेरिकी रक्षा उप सचिव जूल्स हर्स्ट ने कहा कि वाशिंगटन ने ईरान के साथ युद्ध पर अब तक लगभग 25 अरब डॉलर खर्च किए हैं।
गोला-बारूद पर भारी खर्च
हर्स्ट ने बताया कि इस खर्च का अधिकांश हिस्सा गोला-बारूद पर किया जा रहा है और पूर्ण मूल्यांकन के बाद कांग्रेस को पूरक बजट पेश किया जाएगा। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इस आंकड़े पर आपत्ति जताते हुए कहा कि मौजूदा अनुमान 25 अरब डॉलर से कम हैं, हालांकि उन्होंने सटीक संख्या बताने से इनकार किया।
वास्तविक लागत पर अलग-अलग दावे
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक युद्ध की वास्तविक लागत कम से कम 50 अरब डॉलर हो सकती है, जबकि डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने इसे 630 अरब डॉलर से अधिक बताया। 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए व्यापक हवाई अभियान के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए।
युद्धविराम, लेकिन संकट जारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 14 दिवसीय युद्धविराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया है, हालांकि संघर्ष अब भी पूरी तरह सुलझा नहीं है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने युद्ध के दौरान कई सैन्य विमान खो दिए हैं, जिनमें एफ-15, केसी-135 टैंकर, ई-3 सेंट्री और ए-10 अटैक एयरक्राफ्ट शामिल हैं।
यह भी पढ़े: एयरलाइंस किराया: सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र फटकार
https://www.primenewsnetwork.in/storypage.aspx?StoryId=181587