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परमाणु हथियार को 'हराम' मानता था ईरान : डॉ. इलाही

परमाणु हथियार को 'हराम' मानता था ईरान : डॉ. इलाही

Iran : नई दिल्ली। ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं चाहता था, क्योंकि यह ‘हराम’ है। यह कहना है भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही..

परमाणु हथियार को हराम मानता था ईरान  डॉ इलाही

परमाणु हथियार को 'हराम' मानता था ईरान : डॉ. इलाही |

Iran : नई दिल्ली। ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं चाहता था, क्योंकि यह ‘हराम’ है। यह कहना है भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही का। उन्होंने साथ में यह भी कहा कि ईरान परमाणु ऊर्जा का उपयोग शांतिपूर्ण और मानवीय जरूरतों को पूरा करने के लिए करना चाहता है।

एएनआई के साथ भेंटवार्ता में उन्होंने कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठनों पर ‘दोहरा मापदंड’ अपनाने का आरोप लगाया।  डा. इलाही ने कहा, ‘ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं चाहता था, क्योंकि यह हराम है। साथ ही, ईरान सामाजिक और मानवीय उपचार की कुछ जरूरतों के लिए शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा चाहता है, लेकिन दुर्भाग्य से दोहरा मापदंड अपनाया जाता है। कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने ईरान पर कई प्रतिबंध लगाए हैं और उसकी परमाणु गतिविधियों की सख्त निगरानी करते हैं, लेकिन कुछ अन्य देशों के पास भी यह क्षमता है, वे इसका इस्तेमाल करते हैं और उनके खिलाफ कुछ नहीं कहा जाता।'

पिछले महीने परमाणु अप्रसार  पर चर्चा के लिए हुई एक बैठक में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ईरान की परमाणु गतिविधियों को लेकर बंटी-बंटी नजर आई। कुछ देश प्रतिबंधों को फिर से लागू करने के पक्ष में थे, जबकि कुछ सदस्य प्रतिबंधों को स्थायी रूप से हटाने की वकालत कर रहे थे। साथ ही, कुछ देशों ने बैठक की वैधता (लेजिटिमेसी) पर भी सवाल उठाए

इस विभाजन के केंद्र में 2015 के ईरान परमाणु समझौते जॉइंट कॉम्प्रिहेन्सिव प्लान ऑफ एक्शन से जुड़े मुद्दों पर बैठक करने की वैधता को लेकर विवाद था।
 

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