मध्य-पूर्व में हलचल तेज, ईरान ने पाकिस्तान में अमेरिका संग वार्ता की खबरों को पूरी तरह झूठा बताया, कहा अधिकारी देश से बाहर नहीं गए
तेहरान: मध्य-पूर्व की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। Iran ने उन सभी खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि उसके वरिष्ठ अधिकारी Pakistan जाकर अमेरिका के साथ बातचीत करने वाले हैं।
वरिष्ठ अधिकारी तेहरान में ही मौजूद
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, विदेश मंत्री Abbas Araghchi और संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf देश छोड़कर कहीं नहीं गए हैं। बताया गया है कि दोनों नेता तेहरान में रहकर क्षेत्रीय हालात पर नजर बनाए हुए हैं और अपने राष्ट्रीय कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं।
वार्ता पर ईरान की सख्त शर्त
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने स्पष्ट किया है कि जब तक लेबनान में Israel के हमले बंद नहीं होते और अमेरिका युद्धविराम की अपनी प्रतिबद्धता पूरी नहीं करता, तब तक किसी भी प्रकार की शांति वार्ता संभव नहीं है। ईरानी एजेंसियों ने इस्लामाबाद में किसी भी वार्ता दल के पहुंचने की खबर को पूरी तरह "झूठा" बताया है।
इस्लामाबाद में हाई अलर्ट
दूसरी ओर, पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 10 हजार पुलिस और सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। हालांकि, संभावित वार्ता को लेकर अब भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
बयानों से बढ़ा विवाद
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री Khawaja Asif के बयान ने विवाद को और भड़का दिया है। उनकी टिप्पणियों पर इजरायल की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।
इजरायल की तीखी प्रतिक्रिया
इजरायल के नेताओं ने पाकिस्तान के बयानों की कड़ी आलोचना करते हुए साफ कहा है कि देश की सुरक्षा और अस्तित्व पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस बयानबाजी ने संभावित शांति प्रयासों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
अनिश्चितता के बीच बढ़ती चिंता
हालात इस समय बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। एक ओर संभावित वार्ता की अटकलें हैं, तो दूसरी ओर लगातार बढ़ते बयान और तनाव स्थिति को और जटिल बना रहे हैं। कुल मिलाकर, मध्य-पूर्व और दक्षिण एशिया की यह कूटनीतिक हलचल आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति की दिशा तय कर सकती है।
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