ईरान ने रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री आवाजाही पर नियंत्रण के लिए एक नया नियामक तंत्र शुरू किया है जिसके तहत जहाजों को जलमार्ग से गुजरने से पहले पूर्व अनुमति प्राप्त लेने की जरूरत होगी।
तेहरान (ईरान)। ईरान ने रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री आवाजाही पर नियंत्रण के लिए एक नया नियामक तंत्र शुरू किया है जिसके तहत जहाजों को जलमार्ग से गुजरने से पहले पूर्व अनुमति प्राप्त लेने की जरूरत होगी। ईरान के सरकारी समाचार चैनल 'प्रेस टीवी' की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने की योजना बना रही जहाजरानी कंपनियों को अब फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण (पीजीएसए) से संबद्ध पते से इलेक्ट्रॉनिक निर्देश प्राप्त होंगे। इन निर्देशों में मार्ग परिवर्तन के लिए विशिष्ट 'अद्यतन नियम और आवश्यकताएं' बताई जाएंगी, जिनका पालन सभी अंतरराष्ट्रीय जहाजों को करना होगा।
जलडमरूमध्य में प्रवेश से पहले ‘ट्रांजिट परमिट’ अब जरूरी
नए प्रोटोकॉल के तहत, जलडमरूमध्य में प्रवेश करने से पहले जहाजों को 'पारगमन परमिट प्राप्त करना' जरूरी है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में से एक है। ईरानी सरकारी मीडिया ने इस पहल को 'एक संप्रभु शासन प्रणाली' बताया है जो अब होर्मुज जलडमरूमध्य में लागू हो गई है।
ग़ालिबफ़ के बयान के बाद लागू हुआ नया समुद्री नियंत्रण ढांचा
इस व्यवस्था की शुरुआत ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ के हालिया बयानों के बाद हुई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि जलमार्ग को नियंत्रित करने वाला एक 'नया समीकरण' स्थापित किया जा रहा है। 'एकस' पर साझा एक बयान में, ग़ालिबफ़ ने तर्क दिया कि 'अमेरिका और उसके सहयोगियों ने युद्धविराम का उल्लंघन और नाकाबंदी लागू करके जहाजरानी और ऊर्जा पारगमन की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है।'
अमेरिका को तेहरान की सीधी चेतावनी
उन्होंने आगे चेतावनी दी कि ईरान पूरी तरह से अवगत है कि क्षेत्र में मौजूदा 'स्थिति' को बनाए रखना वाशिंगटन के लिए 'असहनीय' है। तेहरान के रुख को स्पष्ट करते हुए ग़ालिबफ़ ने कहा, 'हम भली-भांति जानते हैं कि यथास्थिति का जारी रहना अमेरिका के लिए असहनीय है, जबकि हमने अभी तक शुरुआत भी नहीं की है।'
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