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ईरान की नई रणनीति, खतरे से पहले करेंगे कार्रवाई

ईरान की नई रणनीति के संकेत, कहा- खतरा पैदा होने से पहले ही करेंगे कार्रवाई

ईरान ने अमेरिका और इजराइल के साथ जारी युद्ध के बीच अपनी सैन्य रणनीति में बदलाव के संकेत देते हुए कहा है कि वह किसी भी संभावित खतरे के पैदा होने से पहले ही उसके खिलाफ कार्रवाई करेगा।

ईरान की नई रणनीति के संकेत कहा- खतरा पैदा होने से पहले ही करेंगे कार्रवाई

Iran Signals New Strategy, Vows Preemptive Action Against Threats |

वाशिंगटन:  ईरान ने अमेरिका और इजराइल के साथ जारी युद्ध के बीच अपनी सैन्य रणनीति में बदलाव के संकेत देते हुए कहा है कि वह किसी भी संभावित खतरे के पैदा होने से पहले ही उसके खिलाफ कार्रवाई करेगा। ईरान के सरकारी मीडिया ने बेहतर क्षमताओं वाली एक बैलिस्टिक मिसाइल का सोमवार को हवाला देते हुए इसे देश की रक्षा रणनीति में ‘‘निर्णायक मोड़’’ बताया। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी की रिपोर्ट में सरकारी टेलीविजन पर एक दिन पहले प्रसारित ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख मोहसिन रेजाई की टिप्पणियों का बार-बार हवाला दिया गया। रेजाई ने ईरान की नयी मिसाइल क्षमता का दावा किया था और कहा था कि इसका एक अमेरिकी युद्धपोत के खिलाफ ‘‘परीक्षण’’ किया गया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं था कि जिस मिसाइल का परीक्षण किए जाने की बात कही गई, वह वही ठोस ईंधन वाली ‘कासेम बसीर’ मिसाइल थी, जिसका सोमवार की रिपोर्ट में जिक्र किया गया।

अमेरिका ने ईरानी मिसाइल हमले का किया दावा

अमेरिका ने शनिवार को कहा था कि ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं और इसके जवाब में अमेरिका ने तीन ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाया। हाल के दिनों में ईरान की ओर से दिए जा रहे बयानों में अधिक आक्रामक रुख देखने को मिला है। सोमवार की रिपोर्ट में कहा गया कि ‘कासेम बसीर’ ईरान की रक्षा रणनीति में ‘‘एक निर्णायक मोड़’’ है।

कासेम बसीर मिसाइल की खासियत

रिपोर्ट के मुताबिक, इस मिसाइल की मारक क्षमता और सटीकता अधिक है तथा इसमें आधा टन वजन का ‘वारहेड’ है। इस मिसाइल का अनावरण पिछले साल किया गया था और उस समय इसकी मारक क्षमता कम से कम 1,200 किलोमीटर बताई गई थी। ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को लेकर चिंता उन कारणों में शामिल थी, जिनकी वजह से अमेरिका और इजराइल ने इस साल की शुरुआत में ईरान पर हमला किया था और इसके बाद युद्ध शुरू हो गया।

होर्मुज में ‘प्रवेश निषिद्ध क्षेत्र’ पर अमेरिका का विरोध

इस बीच, अमेरिका ने ईरान द्वारा घोषित ‘प्रवेश निषिद्ध क्षेत्र’ की योजना खारिज की। अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर ‘‘प्रवेश निषिद्ध क्षेत्र’’ बनाने की रेजाई की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस जलमार्ग में आवाजाही जारी है और इसका नियंत्रण अमेरिका के पास है। रेजाई ने बताया था कि इस क्षेत्र का उद्देश्य उन जहाजों को रोकना या उन पर निगरानी रखना होगा, जिनके बारे में ईरान को संदेह है कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने की कोशिश कर रहे हैं।

ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी जारी

‘व्हाइट हाउस’ ने यह भी कहा कि अमेरिकी नौसेना ने जलडमरूमध्य को बारूदी सुरंगों से मुक्त कर दिया है और गैर-ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले तेल टैंकरों की आवाजाही बढ़ेगी। ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिका की नाकेबंदी जारी है। इसका उद्देश्य ईरान के तेल निर्यात को सीमित कर उसकी आर्थिक मुश्किलें बढ़ाना है।

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