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JKJAAC ने विरोध प्रदर्शनों का नया कार्यक्रम घोषित

पूरे जम्मू-कश्मीर में असंतोष बढ़ने के बीच JKJAAC ने विरोध प्रदर्शनों का नया कार्यक्रम घोषित किया

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में लोगों के बुनियादी अधिकारों के कथित हनन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी हैं।

पूरे जम्मू-कश्मीर में असंतोष बढ़ने के बीच jkjaac ने विरोध प्रदर्शनों का नया कार्यक्रम घोषित किया

JKJAAC Announces Fresh Protest Schedule Amid Unrest |

रावलकोट [PoJK]। पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में लोगों के बुनियादी अधिकारों के कथित हनन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी हैं। सुरक्षा बलों की सख्ती और आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही पर प्रतिबंध के बावजूद रावलकोट समेत क्षेत्र के कई हिस्सों में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर रहे हैं।

आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर रोक का आरोप

रावलकोट और PoJK के अन्य हिस्सों में प्रदर्शनकारी पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा भोजन, दवाओं और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर कथित प्रतिबंधों का विरोध कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर संयुक्त अवामी कार्रवाई समिति (JKJAAC) ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि आवश्यक वस्तुओं से भरे वाहनों को पट्टन में रोका जा रहा है। समिति ने कहा कि दवाओं और राशन से भरे वाहनों को बार-बार रोका जा रहा है।

"इससे प्रतिरोध बढ़ेगा"

रावलकोट के हजरत उमर फारूक चौक पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए JKJAAC सदस्य सरदार उमर नजीर कश्मीरी ने चेतावनी दी कि प्रतिबंध जारी रहने से आंदोलन और तेज हो सकता है। कश्मीरी ने कहा, "अपीलों का समय बीत चुका है। आप हमें जो संदेश दे रहे हैं वह सही नहीं है। इससे प्रतिरोध बढ़ेगा।" उन्होंने आगे कहा, "आपने हमारा खाना और पीने का पानी रोक दिया है। क्या आपको लगता है कि ऐसा करने से हम बस इस जगह को छोड़कर चले जाएंगे?"

नए विरोध कार्यक्रम का ऐलान

24 अगस्त को रावलकोट में हुई बैठक के बाद जारी घोषणा में JKJAAC ने पूरे जम्मू-कश्मीर में विरोध प्रदर्शनों की नई श्रृंखला का ऐलान किया है। समिति ने बुधवार से शांतिपूर्ण ठेला जाम और विरोध प्रदर्शन शुरू करने का आह्वान किया है। इसके बाद 29 अगस्त को विरोध प्रदर्शन और 30 अगस्त को बड़े विरोध मार्च का कार्यक्रम रखा गया है।

कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग

समिति ने हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई की मांग की है। इसके अलावा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी चिंताओं का समाधान करने तथा आंदोलन पर सरकार द्वारा डाले जा रहे कथित दबाव को खत्म करने की मांग भी की गई है। यह ताजा आंदोलन JKJAAC और जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों के बीच जारी तनाव के बीच हो रहा है। समिति का कहना है कि उसके विरोध प्रदर्शन सार्वजनिक अधिकारों की रक्षा और लंबे समय से चली आ रही शिकायतों के समाधान के लिए किए जा रहे हैं। वहीं, अधिकारियों की ओर से प्रदर्शनों को प्रतिबंधित करने के लिए विभिन्न कदम उठाए गए हैं।

आने वाले दिनों में बढ़ सकते हैं प्रदर्शन

बुधवार से नए विरोध कार्यक्रम की शुरुआत के साथ रावलकोट और जम्मू-कश्मीर के अन्य हिस्सों में आने वाले दिनों में प्रदर्शन और तेज होने की संभावना है। समिति ने अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकेत दिया है।

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