डॉन ने बताया कि 5 मई को शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन के कारण परीक्षाएं ठप हो गई हैं और छात्रों एवं अभिभावकों में शैक्षणिक कैलेंडर में देरी की आशंका सता रही है।
कराची ( पाकिस्तान ) । डॉन अखबार के अनुसार, पाकिस्तान के सबसे बड़े सरकारी विश्वविद्यालय कराची विश्वविद्यालय (केयू) के लगभग 50,000 छात्र अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं, क्योंकि शिक्षकों द्वारा कथित बकाया भुगतान न होने के कारण सेमेस्टर परीक्षाओं का बहिष्कार चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है।
बकाया भुगतान नहीं होने से नाराजगी
डॉन ने बताया कि 5 मई को शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन के कारण परीक्षाएं ठप हो गई हैं और छात्रों एवं अभिभावकों में शैक्षणिक कैलेंडर में देरी, भविष्य के सेमेस्टरों के संभावित रूप से छोटा होने और निर्धारित सेमेस्टर अवकाशों के रद्द होने को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। डॉन ने बताया कि छात्रों ने सिंध प्रांत सरकार, विशेष रूप से मुख्यमंत्री, जो प्रांत के सरकारी विश्वविद्यालयों के नियंत्रक प्राधिकरण हैं, के हस्तक्षेप न करने की भी आलोचना की है।
शिक्षक शाम की कक्षाओं, परीक्षा पर्यवेक्षण, प्रश्नपत्र तैयार करने, नकल जांच, अवकाश नकदीकरण, आवास सीमा लाभ और अन्य भुगतानों से संबंधित बकाया भुगतान न होने के कारण सेमेस्टर परीक्षाओं का बहिष्कार कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षकों ने विश्वविद्यालय की वित्तीय स्थिति की जांच की भी मांग की है और अपनी मांगों के हल होने तक विरोध प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प लिया है।
फीस वृद्धि की आलोचना
इस लंबे विवाद ने छात्रों में हताशा बढ़ा दी है। एक छात्रा ने डॉन को बताया, वह अब केयू में आगे की पढ़ाई नहीं करना चाहती। विभिन्न विभागों के छात्रों ने भी भविष्य की शैक्षणिक गतिविधियों पर देरी के प्रभाव को लेकर चिंता जताई। उन्होंने विश्वविद्यालय की बढ़ती फीस की भी आलोचना की और कहा कि केयू में शिक्षा की लागत निजी संस्थानों के बराबर पहुँच रही है, जबकि सुविधाओं और सेवाओं में कोई खास सुधार नहीं हो रहा है।। (एएनआई)
इसे भी पढ़ेंः दिल्ली उच्च न्यायालय ने भूल जाने के अधिकार को मान्यता दी