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सुरक्षा कारणों से नेतन्याहू की गवाही

बेंजामिन नेतन्याहू की गवाही फिर टली, सुरक्षा कारणों से अदालत ने दी मंजूरी

इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ चल रहे अपराधिक मुकदमे उनकी गवाही फिर से शुरू होने वाली थी, लेकिन फिलहाल इसे स्थगित कर दिया गया है।

बेंजामिन नेतन्याहू की गवाही फिर टली सुरक्षा कारणों से अदालत ने दी मंजूरी

Netanyahu Testimony Delayed Again Over Security Concerns |

तेल अवीव (इज़राइल)। इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ चल रहे अपराधिक मुकदमे उनकी गवाही फिर से शुरू होने वाली थी, लेकिन फिलहाल इसे स्थगित कर दिया गया है। ईरान के साथ युद्ध के कारण सुनवाई को दो महीने के लिए टाल दिया गया था जो अब शुरू होने वाला थ। स्थानीय मीडिया टाइम्स ऑफ़ इज़राइल ने हिब्रू मीडिया के हवाले से एक रिपोर्ट जारी कर इसकी जानकारी दी है।

वकील की सुरक्षा चिंता के बाद लिया फैसला

लीगल सेशन को अचानक स्थगित करने का फैसला नेतन्याहू के लीगल रिप्रेजेंटेटिव, अमित हदाद की तरफ से खास सुरक्षा चिंताओं के बाद लिया गया है। कोर्ट ने हाई-प्रोफाइल गवाही के लिए तैयारी कर ली थी। टाइम्स ऑफ इज़राइल ने बताया कि सुरक्षा जोखिमों के संबंध में या इस नए स्थगन अवधि को लेकर फिलहाल कोई और जानकारी नहीं हैं।

अदालत ने पहले भी रद्द की थीं पेशियां

यह घटनाक्रम पिछले सप्ताह के उस फैसले के बाद हुआ है, जब यरूशलम जिला अदालत ने नेतन्याहू की इस सप्ताह की निर्धारित पेशियों को रद्द कर दिया था। टाइम्स ऑफ इज़राइल और जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक अदालत ने "सुरक्षा और कूटनीतिक" कारणों का हवाला देते हुए बचाव पक्ष की मांग को स्वीकार कर लिया था।

सरकारी वकीलों ने फैसले का किया विरोध

इसके बाद अदालत ने नेतन्याहू के पेशी टालने के अनुरोध को मंजूरी दी और उनकी जगह किसी अन्य गवाह को पेश करने का निर्णय लिया गया। मंगलवार को होने वाली सुनवाई भी रद्द कर दी गई है। हालांकि सरकारी वकीलों ने इस कदम का विरोध किया था और कहा था कि प्रधानमंत्री को जनहित में अपनी जिरह पूरी करने के लिए अदालत की कार्यवाही के अनुसार चलना चाहिए।

अब दूसरे गवाह की गवाही सुनेगी अदालत

यह निर्णय रविवार को यरूशलम जिला अदालत के न्यायाधीशों—रिव्का फ्राइडमैन-फेल्डमैन, मोशे बार-एम और ओदेद शाहम—की पीठ ने दिया। उन्होंने बचाव पक्ष के एक अन्य गवाह की गवाही सुनने पर सहमति जताई। अब अदालत इलानित फिलबर की गवाही सुनेगी, जो नेतन्याहू के पूर्व सहयोगी और राज्य गवाह श्लोमो फिलबर की पत्नी हैं।

नेतन्याहू पर रिश्वत लेने के गंभीर आरोप

यह गवाही "केस 4000" से जुड़ी है, जिसे बेज़ेक-वाला मामला भी कहा जाता है। यह नेतन्याहू के खिलाफ सबसे गंभीर मामला माना जाता है। इस मामले में उन पर रिश्वत लेने का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने कारोबारी शाऊल एलोविच की बेज़ेक टेलीकॉम कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए नीतिगत फैसले किए, बदले में वाला न्यूज वेबसाइट पर उनके पक्ष में कवरेज दी गई।

फिलबर की गवाही पर पहले उठ चुके हैं सवाल

नेतन्याहू ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है, जिसमें श्लोमो फिलबर के साथ कथित "डायरेक्टिव मीटिंग" का दावा भी शामिल है। जेरूसलम पोस्ट के मुताबिक साल 2022 में फिलबर की गवाही में कई विरोधाभास सामने आए थे। इसके बाद राज्य अटॉर्नी कार्यालय ने उनके सरकारी गवाह समझौते को रद्द करने की मांग की थी। यह मुकदमा फिलहाल जिरह के चरण में है, जो जून 2025 में शुरू हुआ था। इससे पहले नेतन्याहू दिसंबर 2024 में पहली बार गवाही देने के लिए अदालत में पेश हुए थे।

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