OIC ने रविवार को UN की संघर्ष से जुड़ी यौन हिंसा पर वार्षिक रिपोर्ट में इज़राइली कब्ज़ा करने वाले अधिकारियों और संस्थानों को शामिल किए जाने का स्वागत किया।
जेद्दा (सऊदी अरब)। ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) ने रविवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव की संघर्ष से जुड़ी यौन हिंसा पर वार्षिक रिपोर्ट में इज़राइली कब्ज़ा करने वाले अधिकारियों और संस्थानों को शामिल किए जाने का स्वागत किया। इस रिपोर्ट में उन्हें उन पक्षों में सूचीबद्ध किया गया है जिन पर संघर्ष से जुड़ी यौन हिंसा करने का संदेह है। यह सूची दस्तावेज़ों में दर्ज जानकारी, गवाहियों और सबूतों पर आधारित है, जिन्हें संयुक्त राष्ट्र के स्वीकृत और सक्षम तंत्रों के माध्यम से इकट्ठा और सत्यापित किया गया है।
पीड़ितों के लिए कानूनी और मानवीय जीत
बयान के अनुसार, महासचिव ने इस कदम को फ़िलिस्तीनी पीड़ितों के लिए एक कानूनी और मानवीय जीत माना। न्याय व जवाबदेही हासिल करने की प्रक्रिया में और लंबे समय से चली आ रही दंड-मुक्ति (बिना सज़ा के छूट) की स्थिति को समाप्त करने में एक मौलिक योगदान माना।
युद्ध अपराधों और नरसंहार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ
बयान में कहा गया कि, "महासचिव ने पुष्टि की कि यह रिपोर्ट एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय कानूनी और राजनीतिक दस्तावेज है जो फिलिस्तीनियों के खिलाफ इजरायल द्वारा किए गए व्यवस्थित अपराधों और उल्लंघनों की निंदा करती है। इजरायली सैनिकों द्वारा पूरे कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र में किए गए युद्ध अपराधों और नरसंहार के अलावा कानूनी अभियोजन को सक्षम और अनिवार्य बनाती है।"
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दोषियों को जवाबदेह बनाने की अपील
महासचिव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इजरायली सेना द्वारा किए जा रहे सभी अपराधों और उल्लंघनों को खत्म करने के लिए दृढ़ कार्रवाई करने, अंतरराष्ट्रीय आपराधिक कानून के तहत दोषियों को जवाबदेह ठहराने और फिलिस्तीनी लोगों को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए काम करने का आह्वान दोहराया। अल जज़ीरा को दिए एक बयान में, संयुक्त राष्ट्र में देश के राजदूत ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र ने "इज़राइल को संघर्ष क्षेत्रों में यौन हिंसा से जुड़ी काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में डाल दिया है।" इसके चलते इज़राइल ने संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस के साथ अपने संबंध तोड़ लिए हैं।
इजराइली राजदूत का यूएन पर गुस्सा, फैसले को बताया बेहद आपत्तिजनक
इज़राइली राजदूत डैनी डैनन ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "हमारा आपसे कोई लेना-देना नहीं रहा, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस!" अगस्त 2025 में आई संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई थी कि इज़राइल को उन पक्षों की सूची में शामिल किया जा सकता है जिन पर सशस्त्र संघर्ष की स्थितियों में यौन हिंसा करने का संदेह है या जो इसके लिए ज़िम्मेदार हैं। डैनन ने कहा, "इज़राइल को काली सूची में डालने और हम पर युद्ध के हथियार के रूप में यौन हिंसा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाने का फैसला एक बेहद आपत्तिजनक फ़ैसला है।" (ANI)
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