अमेरिका के ओहायो में उत्तर-पूर्वी कोलंबस स्थित अल रहमा मस्जिद के पास सोमवार (स्थानीय समय) को हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई।
ओहायो [अमेरिका]: अमेरिका के ओहायो में उत्तर-पूर्वी कोलंबस स्थित अल रहमा मस्जिद के पास सोमवार (स्थानीय समय) को हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना के बाद अमेरिकी ब्यूरो ऑफ अल्कोहल, टोबैको, फायरआर्म्स एंड एक्सप्लोसिव्स (एटीएफ) ने स्थानीय पुलिस को जांच में सहायता दी। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है।
अंतिम संस्कार से लौट रहे लोगों के दौरान हुई गोलीबारी
कोलंबस पुलिस विभाग के मुताबिक, दोपहर करीब 2:11 बजे (स्थानीय समय) अल्बर्ट एवेन्यू पर गोलीबारी की सूचना देने वाली कई कॉल मिली थीं। इसी सड़क पर अल रहमा मस्जिद स्थित है। एटीएफ के कोलंबस फील्ड डिवीजन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि उसके विशेष एजेंट घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। एजेंसी ने कहा कि मामले में अतिरिक्त जानकारी मिलने पर उसे साझा किया जाएगा। एटीएफ ने बाद में बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार, 2226 अल्बर्ट एवेन्यू स्थित अल रहमा मस्जिद से अंतिम संस्कार में शामिल होकर लोग बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान अज्ञात संख्या में लोगों ने गोलियां चलाईं। एजेंसी ने अपने बयान में कहा, “एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हो गई है। दूसरे पीड़ित की आशंका की पहले की रिपोर्टों की अभी पुष्टि नहीं हुई है।” एटीएफ के विशेष एजेंट मामले की जांच में कोलंबस पुलिस विभाग की मदद कर रहे हैं।
मस्जिद को निशाना बनाने की बात से पुलिस का इनकार
कोलंबस पुलिस ने स्पष्ट किया कि गोलीबारी में मस्जिद को निशाना नहीं बनाया गया था। पुलिस के अनुसार, पास के एक अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में हुए विवाद के बाद गोलीबारी की घटना हुई। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक घटना में शामिल लोगों की पहचान या गोलीबारी के पीछे के कारणों के बारे में विस्तृत जानकारी जारी नहीं की है। एटीएफ ने कहा है कि मामले में नई जानकारी मिलने पर उसे साझा किया जाएगा।
बालाजी मंदिर में गोलीबारी की कथित साजिश भी आई थी सामने
यह घटना अमेरिका में धार्मिक समुदायों को निशाना बनाकर हिंसा किए जाने की आशंकाओं के बीच सामने आई है। इससे पहले 15 अक्टूबर को इलिनोइस के ऑरोरा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) मंदिर में भारतीय-अमेरिकी समुदाय को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी करने की कथित साजिश को नाकाम किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इस मामले में 19 वर्षीय संदिग्ध एलेक्जेंड्रोस पापोराकिस को आतंकवादी धमकी देने और अवैध रूप से हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस घटना का जिक्र करते हुए अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि हमलावर की बंदूक कैसे जाम हो गई और उनका परिवार तथा अन्य लोग किस तरह बच निकले। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि हमलावर की बंदूक कैसे जाम हो गई। मुझे नहीं पता कि मेरा परिवार और अन्य लोग कैसे बच निकले। मुझे नहीं पता कि मैं वहां कैसे पहुंचा, लेकिन मेरा मानना है कि मेरा एक ही मकसद था कि मैं यहां मौजूद रहूं, नफरत के खिलाफ आवाज उठाऊं, और यह मेरे जीवन के उद्देश्यों में से एक बन गया है।” कृष्णमूर्ति ने भारत विरोधी नफरत और श्वेत वर्चस्व के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई की अपील की। साथ ही, उन्होंने उन लोगों का आभार जताया जिन्होंने पुलिस को सतर्क किया और संभावित त्रासदी को रोकने में मदद की।
(एएनआई)
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