पाकिस्तान में हाल में अदालत की कार्रवाई पर संयुक्त राष्ट्र के समक्ष चिंता व्यक्त करते हुए अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने कहा है कि प्रेस की स्वतंत्रता, न्यायिक आजादी के लिए खतरा पैदा हो गया है।
पाकिस्तान में पत्रकारों की सजा पर एमनेस्टी ने चिंता जताई
बोला, प्रेस की स्वतंत्रता के लिए खतरा
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में हाल में अदालत की कार्रवाई पर संयुक्त राष्ट्र के समक्ष चिंता व्यक्त करते हुए अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने कहा है कि इससे प्रेस की स्वतंत्रता, न्यायिक आजादी और मूल अधिकारों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है।
संगठन ने पाकिस्तान में आतंकवाद निरोधक अदालत ने पत्रकारों के एक समूह और राजनीतिक टिप्पणीकार- आदिल रजा, शहीन सेहबाई, डा. मोईड पिरजादा, सैयद अकबर हुसैन, वजाहत सईद खान, साबिर सकिर जो अभी विदेश में हैं, को दोषी ठहराने और कठोर कारावास की सजा सुनाए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, उपर्युक्त सभी को साक्ष्य प्रस्तुत करने सार्थक ढंग से पेश होने और बचाव का मौका दिए बिना उनपर कार्रवाई की गई। ऐसी कार्रवाई गंभीर चिंता का विषय है।
फाउण्डेशन ने कहा है कि पाकिस्तान में जल्दबाजी में किए गए संविधान संशोधनों से न्यायपालिका की आजादी खोखली हो रही है।
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