बलूचिस्तान से लोगों के जबरन गायब किए जाने की ताजा रिपोर्ट से पाकिस्तान में विरोध के स्वर के दमन और मानवाधिकार के उल्लंघन के प्रति चिंता बढ़ गई है।
बलूचों के खिलाफ पाक का छद्म युद्ध और तेज
महिला समेत कई बलूचियों को पाकिस्तानी सेना ने उठाया
क्वेटा। बलूचिस्तान से लोगों के जबरन गायब किए जाने की ताजा रिपोर्ट से पाकिस्तान में विरोध के स्वर के दमन और मानवाधिकार के उल्लंघन के प्रति चिंता बढ़ गई है।
इस हफ्ते अलग-अलग चार व्यक्तियों-एक महिला, एक छात्र कवि, एक मछुआरा और एक सिक्योरिटी गार्ड का पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने उठा लिया। इन अपहृत व्यक्तियों के परिवारीजनों ने उनके जल्द और सुरक्षित रिहाई की अपील की है। 'बलूचिस्तान पोस्ट' के अनुसार इन परिवारीजनों ने अधिकारियों से आग्रह किया है कि सरकार समर्थित आतंक का यह चक्र रोका जाए।
समाचार पत्र के अनुसार, खुजदार में मुहम्मद बख्श जेहरी की बेटी फरजाना को आतंकवाद निरोधक विभाग की ओर से हिरासत में लिया गया था। उसी समय से वह लापता है। फरजाना के परिवार वालों ने उसको हिरासत में लिए जाने को गैर कानूनी बताते हुए उसकी रिहाई की मांग की है। क्वेटा के एक अन्य मामले में एक युवा छात्र और बलोच भाषा के कवि हिलाल दाद को हिरासत में लिया गया था लेकिन उसके परिवार वालों को अब उसके बारे में जानकारी नहीं है। पसनी में एक मछुआरे के बेटे के साथ भी ऐसा ही हुआ। वह शहर के मुख्य बाजार में दवा खरीदने गया था, तभी सुरक्षाबलों ने हिरासत में ले लिया। वह भी लापता है।
कराची में ल्यारी निवासी सुरक्षा गार्ड को सुरक्षा बलों ने उठा लिया था। वह गायब है। उसके परिवार वालों का कहना है कि वह किसी अवैध गतिविधि में शामिल नहीं था। परिवारीजनों ने उसकी रिहाई की मांग की है।
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