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सुरक्षा परिषद में पाक को खूब सुनाई खरी खोटी

आतंकवाद को पनाह देने के नतीजे भुगतेगा पाकिस्तान: भारत

भारत के राजदूत ने पाकिस्तान की 'भारत को हजार घावों से खून बहाने' की नीति की कड़ी निंदा करते हुए इस बात पर ध्यान दिलाया कि यह नीति यहएओ के प्रति इस्लामाबाद की खोखली प्रतिबद्धता को उजागर करती है।

आतंकवाद को पनाह देने के नतीजे भुगतेगा पाकिस्तान भारत

न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी राजदूत परवथानेनी हरीश ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की लगातार सीमा पार आक्रामकता की कड़ी निंदा की। साथ ही कहा कि इस्लामाबाद को आतंकवाद को प्रायोजित करने के परिणाम भुगतने होंगे।

पाकिस्तान आतंकवाद और हिंसक कट्टरपंथ को पनाह दे रहा

उन्होंने ये टिप्पणियां संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 'संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों को बनाए रखना और संयुक्त राष्ट्र-केंद्रित अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली को मजबूत करना' विषय पर खुली बहस में अपने वक्तव्य में कीं। राजदूत हरीश परवथानेनी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पाकिस्तान किस प्रकार भारत के खिलाफ आतंकवाद, सीमा पार आतंकवाद और हिंसक कट्टरपंथ की दुर्भावनापूर्ण ताकतों को लगातार पनाह दे रहा है और उनका इस्तेमाल कर रहा है - और भारत को इस तरह के सीमा पार आतंकवाद से खुद का बचाव करने का पूरा अधिकार है।

'भारत को हजार घावों से खून बहाने' की नीति की निंदा

'पाकिस्तान को यह स्वीकार करना होगा कि सीमा पार आतंकवाद को प्रायोजित करने के परिणाम भुगतने पड़ते हैं। पाकिस्तान ने आतंकवाद, धार्मिक चरमपंथ, हिंसक उग्रवाद और भारत विरोधी बयानबाजी जैसी दुर्भावनापूर्ण शक्तियों का इस्तेमाल अपने गठन के बाद से लगातार जारी रखा है।'
उन्होंने पाकिस्तान की 'भारत को हजार घावों से खून बहाने' की नीति की कड़ी निंदा करते हुए इस बात पर ध्यान दिलाया कि यह नीति संयुक्त राष्ट्र चार्टर के प्रति इस्लामाबाद की खोखली प्रतिबद्धता को उजागर करती है।

पाकिस्तान से आतंक के अपना समर्थन छोड़ने का आग्रह

पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ कई युद्ध छेड़कर, बिना उकसावे के आक्रमण करके और सीमा पार आतंकवाद को लगातार प्रायोजित करके संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और'भारत को हजार घावों से खून बहाने' है। पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद का इस्तेमाल और भारत को 'हजारों घावों से खून बहाने' की उसकी नीति संयुक्त राष्ट्र चार्टर के प्रति उसकी खोखली प्रतिबद्धता को उजागर करती है। उन्होंने पाकिस्तान से आतंकवाद के सभी रूपों को अपना समर्थन अपरिवर्तनीय रूप से समाप्त करने का आह्वान दोहराया।

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