बड़ी उम्मीदों के बीच अपने पहले सेशन के लगभग दो महीने बाद भी पाकिस्तान के राष्ट्रीय वित्त आयोग (एनएफसी) में ठहराव की स्थिति बनी हुई है।
इस्लामाबाद। बड़ी उम्मीदों के बीच अपने पहले सेशन के लगभग दो महीने बाद भी पाकिस्तान के राष्ट्रीय वित्त आयोग (एनएफसी) में ठहराव की स्थिति बनी हुई है। उसकी दूसरी बैठक शुरू में जनवरी के मध्य में तय थी लेकिन अभी तक नहीं हो पाई है। इस वजह से लंबे समय से लंबित 11वें वित्त आयोग अवार्ड को अंतिम रूप देने में देरी हो रही है जिसे लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
आयोग के आठ टेक्निकल वर्किंग ग्रुप्स ने की है बहुत कम प्रगति
प्रमुख अंग्रेजी दैनिक 'डॉन' ने जानकार सूत्रों के हवाले से बताया है कि आयोग के आठ टेक्निकल वर्किंग ग्रुप्स ने भी बहुत कम प्रगति की है। उनमें से केवल दो ने अब तक एक मीटिंग की है, जबकि बाकी छह ने दिसंबर के दूसरे हफ्ते में अपनी नोटिफिकेशन के बाद से कोई मीटिंग नहीं की है। चार दिसंबर को आयोग की पहली बैठक के बाद वित्त मंत्रालय और प्रांतीय सरकारों के अधिकारियों ने घोषणा की थी कि अगला सेशन 8 जनवरी से 15 जनवरी के बीच होगा, जिससे 15 साल से ज़्यादा के गैप के बाद सिफारिशों को पूरा करने के मकसद से मासिक बैठकों का रास्ता साफ हो गया था।
हालांकि, वह टाइमलाइन निकल गई है। सूत्रों ने बताया कि एकमात्र वर्किंग ग्रुप जिसने तेज़ी से काम किया, वह था जो पूर्व संघीय प्रशासित आदिवासी क्षेत्रों के खैबर पख्तूनख्वा में विलय और प्रांत के आयोग के हिस्से पर इसके प्रभाव की जांच कर रहा था।
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