वेनेजुएला में बुधवार को आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 32 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 700 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
काराकस (वेनेजुएला)। वेनेजुएला में बुधवार को आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 32 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 700 से अधिक लोग घायल हुए हैं। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने हताहतों की संख्या में और बढ़ोतरी होने की आशंका जताई है। फिलहाल मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
देशभर में स्कूल बंद, खोले गए राहत शिविर
भूकंप के बाद के हालातों को देखते हुए वेनेजुएला सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने देशभर में स्कूलों की कक्षाएं और सभी गैर-जरूरी गतिविधियों (Non-essential activities) को अगले आदेश तक के लिए निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, जिन नागरिकों के घर इस भीषण आपदा में पूरी तरह तबाह या क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उनके रहने और खाने के लिए होटलों और राहत शिविरों (Shelters) के दरवाजे खोल दिए गए हैं।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
वेनेजुएला में आए दो लगातार शक्तिशाली भूकंपों के बाद मची भारी तबाही।
अब तक 32 लोगों की मौत की पुष्टि, 700 से अधिक घायल अस्पतालों में भर्ती।
तटीय राज्य ला गुआरा (La Guaira) सबसे ज्यादा प्रभावित, 'आपदा क्षेत्र' घोषित।
अमेरिका, चीन, मैक्सिको और ब्राजील समेत कई देश बढ़ा रहे हैं मदद का हाथ।
प्राथमिकता सिर्फ एक- ज़िन्दगियाँ बचाना
कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि प्रशासन का "एकमात्र और सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य जिंदगियां बचाना है।" उन्होंने इस संकट की घड़ी में लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। राष्ट्रीय जोखिम प्रबंधन प्रणाली (SNGR) और नागरिक सुरक्षा प्रणाली की एक आपातकालीन बैठक के बाद रोड्रिग्ज ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि अधिकारी पूरी तरह से मलबे के नीचे फंसे जीवित बचे लोगों की तलाश और राहत कार्य में जुटे हैं। कार्यवाहक राष्ट्रपति ने कहा, "हमारा एक केंद्रीय और आवश्यक उद्देश्य है- जिंदगियां बचाना। राष्ट्रीय आपातकालीन प्रणाली और नागरिक सुरक्षा प्रणाली के अधिकारियों के रूप में हमारा काम उन लोगों को बचाना है जो ढह गई इमारतों या घरों के मलबे के नीचे फंसे हुए हैं।"
ला गुआरा में तबाही का भयावह मंजर
तटीय राज्य ला गुआरा इस आपदा का सबसे बड़ा शिकार बना है। कार्यवाहक राष्ट्रपति के अनुसार, यहाँ दर्जनों इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं और यह इलाका पूरी तरह से तबाही के मंजर में बदल चुका है। रोड्रिग्ज ने ला गुआरा की स्थिति को "वास्तविक त्रासदी" बताते हुए कहा, "हम कह सकते हैं कि ला गुआरा राज्य एक आपदा क्षेत्र बन गया है। हमारा एकजुटता का संदेश उन परिवारों के लिए है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है और हम इस कठिन घड़ी में अपनी संवेदना और समर्थन दोहराते हैं।"
दुनिया से मिलने लगी मदद की उम्मीद
राहत की बात यह है कि इस संकट में वेनेजुएला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मदद मिलनी शुरू हो गई है। आगामी घंटों और दिनों में कई विदेशी बचाव दल यहाँ पहुँचने वाले हैं। रोड्रिग्ज ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनके प्रशासन को लगातार संपर्क बनाए रखने और सहायता की पेशकश के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, "मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनकी सरकार को धन्यवाद देना चाहती हूं, जो वेनेजुएला सरकार और हमारे सभी अधिकारियों के साथ स्थायी संपर्क में हैं, सहायता और एकजुटता प्रदान कर रहे हैं। शुरुआती कुछ घंटों में ही हमें बचाव दल मिल जाएंगे।"
कई देशों ने बढ़ाया मदद का हाथ
अमेरिकी मदद के अलावा, डोमिनिकन रिपब्लिक, अल साल्वाडोर, मैक्सिको और कतर से भी रेस्क्यू ब्रिगेड वेनेजुएला पहुँच रही हैं। इसके साथ ही चीन ने मानवीय सहायता और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लुला दा सिल्व सहित कई कैरेबियाई देशों ने अपना समर्थन देने का वादा किया है।
मौतों का बढ़ा आंकड़ा, एकजुटता की अपील
ताजा आंकड़ों को साझा करते हुए कार्यवाहक राष्ट्रपति ने बताया, "इस समय हमारे पास 32 मौतों की रिपोर्ट है, जिसमें अभी ला गुआरा राज्य के अंतिम आंकड़े शामिल नहीं हैं। इसके अलावा 700 से अधिक घायल हैं, जिन्हें सरकारी और निजी अस्पतालों के इमरजेंसी वार्डों में भर्ती कराया जा रहा है।" अंत में रोड्रिग्ज ने देशवासियों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा, "मैं आपसे राष्ट्रीय एकता और शांति के साथ काम करने का आग्रह करती हूँ। यह जानिए कि हम सब मिलकर इस त्रासदी से पार पा लेंगे। एक ऐसी त्रासदी जिसने आज कई वेनेजुएला परिवारों को शोक में डाल दिया है, लेकिन वेनेजुएला को दुनिया के लोगों का प्यार भी मिल रहा है।" (Source: ANI)
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