क्वाड साझेदारों के बीच बढ़ते जुड़ाव पर प्रकाश डालते हुए, जयशंकर ने कहा कि विदेश मंत्री पिछले 18 महीनों में तीसरी बार मिल रहे हैं, जो साझेदारी की मजबूती और निरंतरता को दर्शाता है।
मंगलवार को दिल्ली में क्वाड के सदस्यों में भारत, जापान, आस्ट्रेलिया और अमेरिका के विदेश मंत्रियों की बैठक |
नई दिल्ली। विदेशमंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को आपूर्ति श्रृंखला में सहयोग की मजबूती, कनेक्टिविटी में आने वाली बाधाओं, विनिर्माण क्षेत्र के केंद्रीकरण और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे में मौजूद कमियों से संबंधित चुनौतियों का समाधान करने के लिए क्वाड देशों के बीच गहन सहयोग का आह्वान किया।
नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में अपने वक्तव्य में जयशंकर ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक विश्वास, समुद्री सुरक्षा और आर्थिक लचीलेपन को मजबूत करने के लिए समूह को मिलकर काम करना चाहिए।
आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती की जरूरत
जयशंकर ने अपने आरंभिक भाषण में कहा, 'वैश्विक स्तर पर, हमें आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, कनेक्टिविटी में आने वाली बाधाओं, विनिर्माण और संसाधन संकेंद्रण तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे में मौजूद कमियों जैसे मुद्दों का समाधान करना होगा।' उन्होंने आगे कहा कि ये क्षेत्र गहन सहयोग, मजबूत आर्थिक विकास और उभरती प्रौद्योगिकियों के प्रभावी उपयोग के अवसर प्रदान करते हैं।
पारदर्शी साझेदारी की आवश्यकता
क्वाड साझेदारों के बीच बढ़ते जुड़ाव पर प्रकाश डालते हुए, जयशंकर ने कहा कि विदेश मंत्री पिछले 18 महीनों में तीसरी बार मिल रहे हैं, जो साझेदारी की मजबूती और निरंतरता को दर्शाता है। उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उभरती चिंताओं को दूर करने के लिए विश्वसनीय और पारदर्शी साझेदारी को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा, 'समुद्री लोकतंत्र, बहुलतावादी समाज और बाजार अर्थव्यवस्थाओं के रूप में, हम एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति साझा जिम्मेदारी रखते हैं। यह क्षेत्र वैश्विक विकास और स्थिरता का प्रेरक बना रहना चाहिए।'
क्वाड के तहत उत्साहजनक प्रगति
जयशंकर ने याद दिलाया कि पिछले कई महीनों में, क्वाड देशों ने समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों, आर्थिक लचीलापन और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) सहित प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार किया है। उन्होंने कहा कि इस ढांचे के तहत कई पहलों पर उत्साहजनक प्रगति हुई है।
जयशंकर के निमंत्रण पर, ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग, जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग ले रहे हैं।
हिंद प्रशांत क्षेत्र को खुला रखने की जरूरत
यह बैठक पिछले वर्ष पहली जुलाई को वाशिंगटन डीसी में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की पिछली बैठक में हुई चर्चाओं पर आधारित है। विचार-विमर्श में स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बनाए रखने, समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने, नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को कायम रखने पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है।
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