रूस ने टेलीग्राम CEO पावेल डुरोव को आतंकवादी घोषित कर गंभीर आरोप लगाए हैं। इंटरपोल के जरिए प्रत्यर्पण की तैयारी के बीच डुरोव ने सेंसरशिप और निगरानी को लेकर रूस पर पलटवार किया।
मॉस्को (रूस)। रूस की संघीय सुरक्षा सेवा (FSB) द्वारा गुरुवार को टेलीग्राम के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पावेल डुरोव को 'आतंकवादी' घोषित किए जाने और उनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज करने के बाद वैश्विक डिजिटल और भू-राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। रूस की इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पावेल डुरोव ने मॉस्को के फैसलों की कड़ी आलोचना की है। रूसी प्रशासन ने उन पर बड़े पैमाने पर निगरानी और सेंसरशिप की सरकारी मांगों को मानने से इनकार करने के बाद यह सख्त रुख अपनाया है।
रूस का सख्त कानूनी शिकंजा और पावेल डुरोव का तीखा तंज
रूसी सरकारी मीडिया स्पुतनिक (Sputnik) की रिपोर्ट के अनुसार, टेलीग्राम के सीईओ पावेल डुरोव पर लगे इन गंभीर आपराधिक आरोपों के साबित होने पर उन्हें उम्रकैद तक की सजा का सामना करना पड़ सकता है। रूसी अधिकारियों का दावा है कि टेलीग्राम प्रशासन ने उन चैनल्स, चैट्स और बॉट्स को हटाने से इनकार कर दिया था, जिनका कथित तौर पर इस्तेमाल यूक्रेन की खुफिया एजेंसियां रूस के भीतर आतंकी हमलों और बड़े पैमाने पर तबाही मचाने के लिए कर रही थीं।
मुख्य घटनाक्रम और पृष्ठभूमि (Key Background)
- आतंकवादी गतिविधियों में मदद का आरोप: रूस की सरकारी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, FSB ने पावेल डुरोव पर रूसी क्रिमिनल कोड की धारा 205.1 के पार्ट 1.1 के तहत आतंकवाद गतिविधियों में सहायता करने का औपचारिक आरोप लगाया है।
- इंटरपोल और प्रत्यर्पण की तैयारी: रूसी न्याय विशेषज्ञों और वकीलों के मुताबिक, डुरोव के खिलाफ इन विसंगतियों के चलते अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है, जिसके आधार पर रूस इंटरपोल के माध्यम से उनके प्रत्यर्पण की मांग कर सकता है।
- यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों पर गंभीर आरोप: रूसी सुरक्षा एजेंसी ने आरोप लगाया है कि टेलीग्राम का इस्तेमाल यूक्रेन की खुफिया एजेंसियों द्वारा रूस के भीतर हमलों की साजिश रचने और आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए किया गया।
- डेटा और सेंसरशिप विवाद: पावेल डुरोव लंबे समय से अपने प्लेटफॉर्म पर यूजर्स की प्राइवेसी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पक्षधर रहे हैं, जिसके कारण रूस और कई अन्य देशों के साथ उनका टकराव जगजाहिर है।
यूक्रेन कनेक्शन और टेलीग्राम पर रूस के आरोप
मास्को का यह भी आरोप है कि इन गतिविधियों के कारण रूस में महिलाओं और बच्चों समेत कई नागरिकों की जान गई है और अरबों डॉलर की संपत्ति का नुकसान हुआ है। इसके अलावा, रूसी सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि यूक्रेनी ऑपरेटिव्स ने टेलीग्राम की डेटिंग सेवा का इस्तेमाल करके रूसी नागरिकों को अपने जाल में फंसाया और उन्हें तोड़फोड़ तथा हमलों के लिए उकसाया। इस सिलसिले में जुलाई 2025 से लेकर अब तक 16 अलग-अलग क्षेत्रों से 46 युवा यूजर्स को हिरासत में लेने का दावा भी किया गया है।
डुरोव का पलटवार, रूस पर सेंसरशिप का आरोप
इन तमाम आरोपों के बीच, पावेल डुरोव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक तीखा बयान साझा करते हुए रूसी सरकार की कार्रवाई पर करारा तंज कसा। उन्होंने लिखा, "रूस ने मुझे बड़े पैमाने पर निगरानी और सेंसरशिप की अपनी मांगों को ठुकराने के कारण 'आतंकवादी' घोषित कर दिया है। रूसी कानून के तहत मुझ पर 'इंटरनेट पर जानकारी प्रकाशित करने' तक का प्रतिबंध लगा दिया गया है। रूसी अधिकारी स्पष्ट रूप से इस बात को लेकर भ्रम में हैं कि आखिर कौन किसे इंटरनेट से प्रतिबंधित कर सकता है।"
कानूनी प्रक्रिया और प्रत्यर्पण की राह
वकील व्लादिमीर झेरेबेंकोव (Vladimir Zherebenkov) ने TASS को जानकारी दी है कि पावेल डुरोव को अनुपस्थिति में भी गिरफ्तारी का सामना करना पड़ सकता है, जो कि किसी भी व्यक्ति के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया का एक मानक हिस्सा है। उन्होंने कहा, "यह किसी व्यक्ति को रूस प्रत्यर्पित करने के लिए आवश्यक एक मानक कानूनी प्रक्रिया है। रूसी अदालत अनुपस्थिति में गिरफ्तारी वारंट जारी करती है, जिसके बाद रूसी कानून प्रवर्तन एजेंसियां इंटरपोल के माध्यम से उसके प्रत्यर्पण का प्रयास शुरू करती हैं। डुरोव को भी इसी प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है।"
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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