ऑपरेशन 'सिंदूर' के दौरान भारत की जवाबी कार्रवाई से न सिर्फ पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों को झकझोर कर रख दिया, बल्कि उसके शीर्ष नेतृत्व भी भयभीत हो उठा था।
इस्लामाबाद। ऑपरेशन 'सिंदूर' के दौरान भारत की जवाबी कार्रवाई से न सिर्फ पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों को झकझोर कर रख दिया, बल्कि उसके शीर्ष नेतृत्व भी भयभीत हो उठा था। पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने खुद कबूल किया कि मई में हालात बिगड़ने के बाद उन्हें बंकर में शरण लेने की सलाह दी गई थी। शनिवार को एक कार्यक्रम में पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इसका खुलासा किया।
भारतीय सेना के ऑपरेशन के दौरान भयभीत थी पाकिस्तान की टॉप लीडरशिप
आसिफ अली जरदारी ने कहा कि मई में भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई के दौरान उनके मिलिट्री सेक्रेटरी की तरफ से सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें तत्काल बंकर में जाने की सलाह दी गई थी। जरदारी ने बताया, 'मेरे मिलिट्री सेक्रेटरी मेरे पास आए और बोले कि सर जंग शुरू हो गई है। बंकर में चलना चाहिए।' इससे स्पष्ट है कि भारतीय सेना के ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान की टॉप लीडरशिप भयभीत था। पहलगाम में हमले के जवाब में भारत ने सैन्य कार्रवाई की। उसका नाम दिया गया था अपरेशन 'सिंदूर'।
गौरतलब है कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए कायरतापूर्ण हमले में भारत के 26 निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई थी। इसके बाद भारतीय सेना ने मई में पाकिस्तान के सैन्य अड्डों पर स्ट्रैटेजिक और सटीक हमले किए थे।
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