स्पेन के सेउटा सीमा पर प्रवासियों के अनियंत्रित सैलाब और भगदड़ में 9 लोगों की मौत। हालात काबू करने के लिए सेना तैनात, पीएम पेड्रो सांचेज करेंगे दौरा।
सेउटा (स्पेन)। स्पेन के छोटे से अफ्रीकी क्षेत्र सेउटा (Ceuta) में मोरक्को की सीमा पर प्रवासियों के अनियंत्रित सैलाब के बाद स्थिति पूरी तरह से बिगड़ गई है। सीमा पार करने की इस अफरातफरी और भगदड़ में कम से कम 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जिसके बाद मैड्रिड स्थित केंद्रीय सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था बहाल करने के लिए सैन्य बलों को तैनात करने का बड़ा फैसला लिया है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बड़ा फैसला सेउटा के स्थानीय नेताओं द्वारा मैड्रिड के अधिकारियों से लगातार की जा रही उन तात्कालिक अपीलों के बाद लिया गया है, जिसमें सीमा बैरियर के टूटने के बाद अतिरिक्त मदद की गुहार लगाई गई थी।
प्रशासनिक और कूटनीतिक हलचल तेज
स्पेनिश सरकार ने गुरुवार शाम आधिकारिक घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि सेउटा शहर में कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए सशस्त्र बलों (Armed Forces) के जवानों को सिविल गार्ड की मदद के लिए भेजा जा रहा है। इस गंभीर हालात का जायजा लेने के लिए खुद प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज (Pedro Sanchez) और गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का (Fernando Grande-Marlaska) शुक्रवार को सेउटा का दौरा करने वाले हैं।
स्थानीय मोर्चे पर तैनात अधिकारियों ने जमीनी हालात की भयावहता को बयां किया है। सेउटा में स्पेन के सिविल गार्ड अधिकारियों के संगठन के प्रमुख रचीदस्बीही (Rachid Sbihi) ने मीडिया से बातचीत में कहा, "स्थिति पूरी तरह से अराजक (absolute chaos) हो चुकी है। सटीक आंकड़े देना संभव नहीं है, लेकिन हजारों की संख्या में प्रवासी सीमा पार कर रहे हैं।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि सीमा सुरक्षा का तंत्र पूरी तरह से ढह चुका है।
असाधारण परिस्थितियां और मानवीय त्रासदी
उत्तरी मोरक्को में मानवाधिकार संगठन 'मोरक्को एसोसिएशन फॉर ह्यूमन राइट्स' के कार्यकर्ता अशरफ मैमौनी (Achraf Maimouni) ने इन घटनाओं को पूरी तरह 'असाधारण' करार दिया है। उन्होंने बताया कि असामान्य परिस्थितियों के बीच ताराजाल सीमा को खोला गया, जिसके बाद लोगों ने बड़े पैमाने पर प्रवेश किया। सीमा पार करने वाले इन समूहों में ज़्यादातर मोरक्को के युवा शामिल थे, जबकि कुछ परिवारों में महिलाएं और छोटे बच्चे भी देखे गए। इस दौरान कई प्रवासियों ने फ्रीलांस फोटोग्राफरों के सामने "विवा एस्पाना! (Viva Espana!)" के नारे भी लगाए।
हालांकि, इस अचानक उमड़े जनसैलाब के पीछे की असली वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। सेउटा में सरकारी प्रतिनिधिमंडल ने पुष्टि की है कि इस अफरातफरी के बीच कम से कम 9 लोगों की जान चली गई है। यद्यपि मौतों के स्पष्ट कारणों का आधिकारिक ब्योरा नहीं मिला है, लेकिन समुद्र के पानी में तैरते हुए शवों ने इस मानवीय संकट की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। इसके साथ ही, इस साल सेउटा में प्रवेश करने की कोशिश के दौरान जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर दर्जनों तक पहुंच गई है।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग और कूटनीतिक विवाद
इस बड़े सैलाब से कुछ दिन पहले ही इस क्षेत्र में तैरकर घुसने की कोशिशों में तेजी देखी गई थी। हालांकि, मोरक्को के अधिकारियों ने इस ताजा घटना पर फिलहाल कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है। इस बीच, स्पेन के गृह मंत्रालय ने बताया है कि मोरक्को सरकार मैड्रिड के साथ 'बेहद करीबी सहयोग' कर रही है। मोरक्को के सुरक्षा बल सीमा पार करने की कोशिश कर रहे कई लोगों को बीच में ही रोक रहे हैं। दोनों देशों ने अवैध रूप से सेउटा में प्रवेश करने वाले सभी लोगों को जल्द से जल्द उनके स्वदेश वापस भेजने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई है।
इस घटनाक्रम ने यूरोपीय देशों के बीच कूटनीतिक तनाव भी पैदा कर दिया है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सेउटा में प्रवासियों के इस बेकाबू आगमन पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए स्पेन के साथ मुक्त आवाजाही वाले 'शेंगेन क्षेत्र' (Schengen Area) समझौते को निलंबित करने जैसी असाधारण कार्रवाई की धमकी दी है। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपने एक संदेश में स्पष्ट किया कि उनकी सरकार स्थिरता बहाल करने के लिए मोरक्को के अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में है और इस चुनौती से निपटने के लिए त्वरित राजकीय कदम उठाए जा रहे हैं।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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