प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

अरब सागर में बढ़ा तनाव, USS लिंकन तैनात

अरब सागर में ईरान की घेराबंदी तेज, USS अब्राहम लिंकन ने संभाली कमान

वाशिंगटन। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया है कि अरब सागर में ईरान के खिलाफ चल रही बड़ी सैन्य कार्रवाई के तहत ईरान के तटों और बंदरगाहों की ‘नाकेबंदी’ कर दी गई है।

अरब सागर में ईरान की घेराबंदी तेज uss अब्राहम लिंकन ने संभाली कमान

World News |

वाशिंगटन। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया है कि अरब सागर में ईरान के खिलाफ चल रही बड़ी सैन्य कार्रवाई के तहत ईरान के तटों और बंदरगाहों की ‘नाकेबंदी’ कर दी गई है। इस पूरे ऑपरेशन की कमान एयरक्राफ्ट कैरियर ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ (CVN 72) संभाल रहा है।

नाकेबंदी का उद्देश्य और आदेश

सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि इस नाकेबंदी का उद्देश्य राष्ट्रपति के आदेश का पालन करना है, ताकि कोई भी जहाज ईरानी सीमा में न प्रवेश कर सके और न ही वहां से बाहर निकल सके।

10 हजार सैनिक और 100 विमान तैनात

सेंटकॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मिशन में अमेरिका ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। 10,000 से ज्यादा सैनिक, 12 से अधिक जंगी जहाज और 100 से ज्यादा एयरक्राफ्ट तैनात किए गए हैं। सेंटकॉम, अमेरिकी रक्षा विभाग का प्रमुख सैन्य कमांड है, जो मिडिल ईस्ट, मध्य एशिया और दक्षिण एशिया के 21 देशों में सैन्य अभियानों और सुरक्षा हितों की जिम्मेदारी संभालता है।

हाई-टेक हथियारों से लैस कैरियर

एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन पर F-35C स्टील्थ फाइटर, F/A-18 फाइटर जेट्स और E-2D कमांड कंट्रोल विमान जैसे अत्याधुनिक हथियार मौजूद हैं। इसके अलावा गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर ‘यूएसएस डेलबर्ट डी ब्लैक’ (DDG 119) को भी ईरानी पानी के पास संदिग्ध जहाजों को रोकने की जिम्मेदारी दी गई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर नहीं रोक

अमेरिकी रक्षा विभाग की ओर से ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के चेयरमैन, एयर फोर्स जनरल डैन केन ने साफ किया है कि यह घेराबंदी केवल ईरान के बंदरगाहों और तटों तक सीमित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को ब्लॉक नहीं कर रहा है।

हर देश के जहाजों पर लागू नियम

जनरल केन के अनुसार, यह नियम हर देश के जहाज पर लागू होता है, चाहे वह किसी भी देश का क्यों न हो। अमेरिकी नौसेना पूरी तरह सतर्क है और किसी भी जहाज को ईरानी बंदरगाहों तक जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

ट्रंप ने बताया ‘रूटीन’ ऑपरेशन

इस सैन्य कदम पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह घेराबंदी बहुत अच्छे से चल रही है और अमेरिकी नौसेना के सामने कोई भी जहाज वहां से गुजरने की हिम्मत नहीं कर रहा है। उन्होंने इसे नौसेना के लिए ‘रूटीन’ काम बताया। फिलहाल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते पूरे अरब सागर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

यह भी पढ़े: चार महीनों में सिर्फ 29 शादी मुहूर्त

https://www.primenewsnetwork.in/religion/only-29-wedding-dates-in-four-months/175021

Related to this topic: