बांग्लादेश में पिछले वर्ष जुलाई-अगस्त में हुए उग्र आंदोलन के दौरान नरसंहार के एक मामले में एक ट्रिब्यूनल ने सोमवार को तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है।
ढाका। बांग्लादेश में पिछले वर्ष जुलाई-अगस्त में हुए उग्र आंदोलन के दौरान नरसंहार के एक मामले में एक ट्रिब्यूनल ने सोमवार को तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। चंखरपुल नरसंहार के नाम से चर्चित इस मामले में शरियार खान अनास और छह अन्य की निर्मम हत्या की गई थी।
तत्कालीन पुलिस कमिश्नर और अन्य अधिकारियों को सजा
इस मामले में जिन पुलिस अधिकारियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है, उनमें ढाका के तत्कालीन पुलिस कमीशनर हबिबुर्रहमान, अतिरिक्त पुलिस कमीशनर सुदीप कुमार चक्रवर्ती और पुलिस अधिकारी शा आलम शामिल हैं। बाकी दोषी ठहराए गए पुलिस अधिकारियों और अन्य को अलग-अलग सजा सुनाई गई है।
इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल की कार्रवाई
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने जुलाई-अगस्त में हुए सत्ता विरोधी आंदोलन के दौरान मानवता के खिलाफ हुए विभिन्न श्रेणियों के अपराधों के मामलों को इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल को सौंपा था। इन्हें आईसीटी के नाम से जाना जाता है।
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/state/pcs-officer-resigns-over-insult-to-shankaracharya-ugc-laws/130651
शंकराचार्य के अपमान और यूजीसी कानून के विरोध में पीसीएस अफसर का इस्तीफा