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होर्मुज में जहाज भेजने की ट्रंप अपील बेअसर

होर्मुज में नौसैनिक जहाज भेजने की ट्रंप की अपील बेअसर

वाशिंगटन। अमेरिका के सहयोगी देशों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस आग्रह पर सतर्क रुख अपनाया है या उसे नकार दिया है कि होर्मुज जलडमरू मध्य के लिए नौसैनिक जहाज भेजें।

होर्मुज में नौसैनिक जहाज भेजने की ट्रंप की अपील बेअसर

International Maritime Security |

वाशिंगटन। अमेरिका के सहयोगी देशों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस आग्रह पर सतर्क रुख अपनाया है या उसे नकार दिया है कि जलडमरू मध्य के लिए नौसैनिक जहाज भेजें। उन्होंने यह आग्रह सात देशों से किया है।

तेल मार्ग पर संकट के बीच अमेरिका की अपील

ईरान के साथ युद्ध के कारण तेल के शिपमेंट के इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर गंभीर संकट के बीच ट्रंप ने यह मांग की है। ऐसी स्थिति की गंभीरता के बावजूद अमेरिका के महत्वपूर्ण सहयोगी सैन्य सहयोग देने के प्रति हिचक रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया ने जहाज भेजने से किया इनकार

आस्ट्रेलिया  ने इस क्षेत्र में नौसैनिक समर्थन देने से मना कर दिया है। कैबिनेट मंत्री Catherine King ने Australian Broadcasting Corporation को बताया है कि यह जलमार्ग महत्वपूर्ण जरूर है, लेकिन हमें कोई औपचारिक अनुरोध प्रस्ताव नहीं मिला है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया है कि ऑस्ट्रेलिया की नौसैनिक तैनाती की कोई योजना नहीं है। किंग ने कहा है— “हम होर्मुज जलमार्ग के लिए जहाज नहीं भेजेंगे।”

जापान ने भी जताई हिचकिचाहट

कुछ ऐसी ही हिचकिचाहट भरी बात जापानी प्रधानमंत्री साने तकैची ने भी कही है। सोमवार को उन्होंने कहा कि फिलहाल जापान की ऐसी कोई योजना नहीं है कि मध्य पूर्व में जहाजों की रक्षा के लिए नौसैनिक जहाज भेजा जाए।

दक्षिण कोरिया कर रहा विचार-विमर्श

दक्षिण कोरिया ने संकेत दिया है कि वाशिंगटन से सियोल के राष्ट्रपति कार्यालय का विचार-विमर्श चल रहा है। पूरी स्थिति की सावधानीपूर्वक समीक्षा के बाद ही इस बारे में कोई फैसला किया जाएगा।

ब्रिटेन का राजनयिक रुख

उधर लंदन में प्रधानमंत्री केर स्टार्मर ने ट्रंप के आग्रह पर राजनयिक दृष्टिकोण अपनाने की बात कही है।  'डाउनिंग स्ट्रीट' के अनुसार स्टार्मर ने ‘वैश्विक शिपिंग में रुकावट’ को दूर करने के लिए होर्मुज को खोलने की आवश्यकता पर ट्रंप से बातचीत की।  ब्रिटिश नेता ने पश्चिम का समन्वित रुख तय करने के लिए कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से भी बात की। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि सोमवार की तय बैठक में इस बारे में विचार किया जाएगा।

चीन ने तनाव कम करने की अपील की

उधर, चीन के दूतावास के प्रवक्ता ने सीएनएन को बताया कि चीन दुश्मनी को तुरंत रोकने की मांग करता है और सभी पक्षों की जिम्मेदारी है कि वे स्थिर और बिना रुकावट ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करें। बयान के आखिर में कहा गया, “मिडिल ईस्ट के देशों के एक सच्चे दोस्त और रणनीतिक साझेदार के तौर पर चीन लड़ाई में शामिल पक्षों समेत सभी संबंधित देशों के साथ बातचीत को मजबूत करता रहेगा और तनाव कम करने तथा शांति बहाल करने में रचनात्मक भूमिका निभाएगा।”

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