अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (स्थानीय समय) को दावा किया कि अमेरिका दुनिया में तेल और प्राकृतिक गैस का सबसे बड़ा सप्लायर बन गया है।
वॉशिंगटन डीसी (अमेरिका): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (स्थानीय समय) को दावा किया कि अमेरिका दुनिया में तेल और प्राकृतिक गैस का सबसे बड़ा सप्लायर बन गया है। उन्होंने इसका श्रेय अपनी सरकार की ऊर्जा नीतियों और घरेलू उत्पादन में हुई बढ़ोतरी को दिया। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले अपने आखिरी चुनावी भाषण में ट्रंप ने अपनी सरकार के कामकाज का जिक्र करते हुए मतदाताओं से रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन करने की अपील की। नेशनल मॉल में लिंकन मेमोरियल रिफ्लेक्टिंग पूल को दोबारा खोलने के मौके पर बोलते हुए ट्रंप ने अपने प्रशासन के ‘ड्रिल, बेबी, ड्रिल’ अभियान की तारीफ की। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और वेनेजुएला के पास मिलकर दुनिया के लगभग आधे तेल भंडार हैं।
‘अमेरिका और वेनेजुएला के पास दुनिया का 50% तेल’
‘ड्रिल, बेबी, ड्रिल’ ट्रंप की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत नियमों में ढील देकर तेल और प्राकृतिक गैस की घरेलू ड्रिलिंग तथा उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। ट्रंप ने कहा, "जब आप सिर्फ वेनेजुएला और अमेरिका को जोड़ देते हैं, तो हमारे पास दुनिया का लगभग 50 प्रतिशत तेल है। हमारे पास सऊदी अरब और रूस को मिलाकर भी उससे कहीं ज्यादा है।" उन्होंने यह भी दावा किया कि वेनेजुएला और ग्रीनलैंड के संसाधनों तक पहुंच के जरिए अमेरिका ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में काफी बढ़त हासिल की है। इस दौरान उन्होंने जलवायु और ऊर्जा नीतियों को लेकर पिछली सरकार के रुख की आलोचना भी की।
अर्थव्यवस्था और रोजगार को लेकर किए बड़े दावे
अर्थव्यवस्था पर बात करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका में व्यक्तिगत आय ऐतिहासिक रूप से सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है, जबकि गरीबी दर रिकॉर्ड निचले स्तर पर है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी निर्यात अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर है और देश के इतिहास में पहले से कहीं ज्यादा लोग रोजगार में हैं। ट्रंप ने कहा, "व्यक्तिगत आय इतिहास में सबसे ज्यादा है। गरीबी दर अब तक के सबसे निचले स्तर पर है, जिसका मतलब है कि यह इतिहास में अब तक की सबसे अच्छी गरीबी दर है। अमेरिकी निर्यात अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर है और आज हमारे देश के इतिहास में किसी भी समय की तुलना में ज्यादा लोग काम कर रहे हैं।"
बॉर्डर सिक्योरिटी और टैक्स कटौती का भी किया जिक्र
ट्रंप ने अपनी सरकार के सीमा सुरक्षा और कर नीतियों से जुड़े कामों की भी तारीफ की। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका की सीमाएं उसके इतिहास में सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं और उनकी सरकार ने देश के इतिहास में सबसे बड़ी टैक्स कटौती लागू की है। उन्होंने कहा, "हमारे इतिहास में हमारा बॉर्डर सबसे सुरक्षित है। हमारे इतिहास में सबसे बड़ी टैक्स कटौती हुई है।"
डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों पर साधा निशाना
मतदाताओं से रिपब्लिकन उम्मीदवारों को समर्थन देने की अपील करते हुए ट्रंप ने 3 नवंबर के चुनाव को अपनी जिंदगी का "सबसे जरूरी मिडटर्म" बताया। उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी पर अमेरिकी इतिहास के सबसे कट्टर और खतरनाक उम्मीदवारों को मैदान में उतारने का आरोप लगाया। ट्रंप ने कहा, "डेमोक्रेट पार्टी ने अमेरिकी इतिहास में सबसे ज्यादा कट्टर और खतरनाक उम्मीदवारों को नामित किया है।" उन्होंने विपक्ष पर खुले बॉर्डर, ज्यादा टैक्स, तेल और प्राकृतिक गैस का उत्पादन खत्म करने तथा सेकंड अमेंडमेंट पर रोक लगाने जैसे एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर दोहराया रुख
ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी अपना रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि अमेरिका तेहरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं देगा। उन्होंने कहा, "हम ईरान को कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे और वे यह बात समझते हैं।" ट्रंप ने मिशिगन से सीनेट उम्मीदवार अब्दुल अल-सईद पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उम्मीदवार ने अमेरिका को "शैतान का घर" बताया है। इसके साथ ही उन्होंने मस्जिदों में उनके चुनाव अभियान के लिए हस्ताक्षर जुटाने की कोशिशों से जुड़ी रिपोर्टों की आलोचना की। ट्रंप ने कहा, "वे इसे शैतान का घर कहते हैं और हम इसे बदल देते हैं। हम संयुक्त राज्य अमेरिका को 'भगवान का घर' कहते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि जो पार्टी अमेरिका से नफरत करती है, उसे देश बनाने वाले लोगों पर शासन करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
वॉशिंगटन डीसी में सुधारों का किया दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने वॉशिंगटन डीसी में किए गए सुधारों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि शहर में अपराध में करीब 90 प्रतिशत की कमी आई है और पूरे शहर में 83 मूर्तियों तथा फव्वारों की मरम्मत की गई है। लिंकन मेमोरियल रिफ्लेक्टिंग पूल को दोबारा खोलने की घोषणा करते हुए ट्रंप ने आंतरिक विभाग के काम की तारीफ की। उन्होंने पिछली सरकारों पर अमेरिकी राजधानी की अनदेखी करने का आरोप लगाया। ट्रंप ने कहा, "जबकि पिछली सरकारों ने मूर्तियां तोड़ दीं, गुंडों और हत्यारों को खुला छोड़ दिया और हमारी राजधानी को शर्मनाक तरीके से खराब होने दिया, हम अपनी राजधानी के साथ उस प्यार और सम्मान से पेश आ रहे हैं, जिसकी वह हकदार है। हम इसका सम्मान करते हैं।" इस दौरान ट्रंप ने ऐतिहासिक स्थल का नाम बदलकर ‘ट्रंप रिफ्लेक्टिंग पूल’ रखने का मजाक भी किया, हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि वह गंभीर नहीं थे।
तीसरे कार्यकाल को लेकर भी जताई चुनाव लड़ने की इच्छा
इससे पहले ट्रंप ने ‘पॉड फोर्स वन’ पॉडकास्ट पर द न्यूयॉर्क पोस्ट की मिरांडा डिवाइन से बातचीत में कहा था कि मौका मिलने पर वह एक और राष्ट्रपति चुनाव लड़ना चाहेंगे। हालांकि, उन्होंने अमेरिकी संविधान के 22वें संशोधन के तहत राष्ट्रपति के कार्यकाल की सीमा को भी स्वीकार किया। ट्रंप ने कहा, "अगर मुझे मौका मिला तो मैं फिर से चुनाव लड़ना चाहूंगा, लेकिन संविधान की भाषा बहुत सख्त है।"
3 नवंबर को तय होगा कांग्रेस के दोनों सदनों का नियंत्रण
अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से कांग्रेस के दोनों सदनों का नियंत्रण तय होगा। प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर चुनाव होने हैं। डेमोक्रेट्स को प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करने के लिए तीन और सीनेट में बहुमत के लिए चार सीटों की शुद्ध बढ़त की जरूरत है। इन चुनावों के नतीजों से अगले दो वर्षों के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के विधायी एजेंडे पर भी असर पड़ेगा।
(ANI)
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