अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (स्थानीय समय) को कहा कि अगर मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स कांग्रेस पर नियंत्रण हासिल कर लेते हैं, तो वह ‘मिस्टर वीटो’ बन जाएंगे।
वॉशिंगटन, डीसी (अमेरिका): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (स्थानीय समय) को कहा कि अगर मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स कांग्रेस पर नियंत्रण हासिल कर लेते हैं, तो वह ‘मिस्टर वीटो’ बन जाएंगे। उन्होंने संकेत दिया कि विपक्ष की ओर से लाए जाने वाले विधेयकों को कानून बनने से रोकने के लिए वह अपनी राष्ट्रपति शक्तियों का इस्तेमाल करेंगे। इसके साथ ही ट्रंप ने अपने प्रशासन के अधिकारियों और सहयोगियों को संभावित जांच से बचाने के लिए पहले से माफी देने की संभावना से भी इनकार नहीं किया। ‘पॉड फोर्स वन’ पॉडकास्ट पर द न्यूयॉर्क पोस्ट की मिरांडा डिवाइन को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वह डेमोक्रेट्स के किसी भी ऐसे कानून को रोकेंगे, जिसे वह देश के हित में नहीं मानते। उनका कहना था कि वीटो के जरिए विपक्ष को बातचीत के लिए मजबूर किया जा सकता है।
हर चीज पर वीटो लगाता रहूंगा’
ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि मैं मिस्टर वीटो बन जाऊंगा। मैं उन्हें इसे बर्बाद नहीं करने दूंगा। देखिए, अगर हम नहीं जीते—मुझे लगता है कि हम बहुत अच्छा करेंगे, लेकिन अगर हम नहीं जीते, तो मैं हर चीज पर वीटो लगा दूंगा। मैं वीटो करता रहूंगा, वीटो करता रहूंगा, और फिर वे आएंगे और हम शायद रास्ते में कुछ समझौते करेंगे।" उन्होंने उम्मीद जताई कि डेमोक्रेट्स को उनके साथ बातचीत करने के लिए मजबूर होने से पहले कुछ महीनों तक राजनीतिक खींचतान जारी रहेगी। ट्रंप ने कहा, "वे विधेयक भेजेंगे। आप उसे वीटो कर देंगे। आखिरकार, एक या दो महीने तक वीटो होने के बाद उन्हें लगेगा कि वे सिर्फ समय बर्बाद कर रहे हैं। फिर वे आएंगे और आप एक समझौता करेंगे। मुझे लगता है कि शायद ऐसा होगा, लेकिन उम्मीद है कि हमें इसकी चिंता करने की जरूरत नहीं होगी।" ट्रंप ने अपने समर्थकों को चेतावनी दी कि अगर डेमोक्रेट्स को कांग्रेस में बहुमत मिलता है, तो वे उनकी प्रमुख आर्थिक नीतियों को वापस लेने और प्रगतिशील एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने राष्ट्रपति के वीटो अधिकार को ऐसी ढाल बताया, जिसके जरिए वह विपक्ष के फैसलों को रोक सकते हैं। ट्रंप ने कहा, "वे आपके सेकंड अमेंडमेंट को खत्म करना चाहते हैं, सबको ट्रांसजेंडर बनाना चाहते हैं... मैं इसे रोक सकता हूं, क्योंकि यह वीटो है। लेकिन यह उतना अच्छा नहीं होगा, क्योंकि हमारे पास बहुत बड़ा, सुंदर बिल है। हमने जबरदस्त टैक्स कटौती की है। हमने जो किया है, वह कमाल का है: टिप्स पर कोई टैक्स नहीं, हमारे वरिष्ठ नागरिकों की सोशल सिक्योरिटी पर कोई टैक्स नहीं और ओवरटाइम पर कोई टैक्स नहीं। मेरा मतलब है, टैक्स में कटौती अविश्वसनीय है। वे इन्हें वापस लाना चाहते हैं।"
सहयोगियों को पहले से माफी देने के संकेत
कानूनों को रोकने के अलावा ट्रंप ने संकेत दिया कि यदि डेमोक्रेट्स कांग्रेस पर नियंत्रण हासिल करने के बाद उनके सहयोगियों और अधिकारियों के खिलाफ जांच या मुकदमे शुरू करते हैं, तो वह राष्ट्रपति की माफी देने की शक्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं। जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या वह अपने प्रशासन में काम करने वाले सभी लोगों को पहले से माफी देंगे, तो ट्रंप ने कहा, "अगर जरूरत पड़ी तो मैं ऐसा करूंगा। जरूर। मैं ऐसा करूंगा। मैंने 6 जनवरी (J6) के लिए ऐसा किया था।"
एलन मस्क और DOGE टीम का भी किया जिक्र
डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) के पूर्व प्रमुख एलन मस्क और एजेंसी के पूर्व स्टाफ सदस्य एडवर्ड कोरिस्टीन को निशाना बनाकर संभावित जांच के सवाल पर भी ट्रंप ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि डेमोक्रेट्स ऐसा कदम उठाते हैं, तो उन्हें संबंधित लोगों को बचाना होगा। मस्क और उनकी DOGE टीम के खिलाफ डेमोक्रेट्स की संभावित कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, "अगर वे ऐसा करते हैं, तो हमें बस उन लोगों को बचाना होगा।" ट्रंप ने अपने संभावित कदम को सही ठहराते हुए पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल के आखिरी घंटों में दी गई माफियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "बाइडेन ने यही किया। उन्होंने सभी को माफी दी।" ट्रंप ने बाइडेन की ओर से डॉ. एंथनी फौसी, जनरल मार्क मिली, प्रतिनिधि सभा की 6 जनवरी समिति के सदस्यों और कर्मचारियों के साथ-साथ अपने बेटे हंटर को दी गई माफी का उल्लेख किया।
6 जनवरी समिति पर भी साधा निशाना
अपने पहले कार्यकाल की जांच करने वाली कांग्रेस समिति पर निशाना साधते हुए ट्रंप ने उसे ‘अनसेलेक्टेड कमेटी’ और ‘करप्ट कमेटी’ बताया। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से ठीक पहले आए सर्वेक्षणों में डेमोक्रेट्स कई अहम सीनेट मुकाबलों में मजबूत स्थिति में नजर आ रहे हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स/सिएना यूनिवर्सिटी के ताजा सर्वे के मुताबिक, डेमोक्रेटिक उम्मीदवार रिपब्लिकन के कब्जे वाले पांच सीनेट बैटलग्राउंड राज्यों में आगे हैं, जबकि आयोवा में मुकाबला बेहद करीबी है। सर्वे में टेक्सास, कंसास, मेन, ओहायो और अलास्का में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को बढ़त मिली है। मिशिगन में भी डेमोक्रेट उम्मीदवार आगे बताए गए हैं, जहां फिलहाल पार्टी के पास सीनेट सीट है। ये नतीजे ऐसे समय आए हैं, जब डेमोक्रेट्स राष्ट्रपति ट्रंप के प्रति मतदाताओं की नाराजगी और अर्थव्यवस्था के साथ-साथ रोजमर्रा के खर्च को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच कांग्रेस में दोबारा नियंत्रण हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
टेक्सास और कंसास में डेमोक्रेट उम्मीदवार आगे
न्यूयॉर्क टाइम्स/सिएना के सर्वे में टेक्सास और कंसास में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को अच्छी बढ़त मिली है। ये दोनों पारंपरिक रूप से रिपब्लिकन समर्थक राज्य हैं। टेक्सास में 1988 और कंसास में 1932 के बाद से डेमोक्रेट्स ने सीनेट चुनाव नहीं जीता है। सर्वे के मुताबिक, टेक्सास में डेमोक्रेट जेम्स टैलारिको को 50 प्रतिशत और रिपब्लिकन केन पैक्सटन को 43 प्रतिशत समर्थन मिला है। वहीं, कंसास में डेमोक्रेट क्रिस हैमिल्टन 49 प्रतिशत समर्थन के साथ रिपब्लिकन सीनेटर रोजर मार्शल से आगे हैं, जिन्हें 44 प्रतिशत समर्थन मिला है।
मेन, ओहायो और अलास्का में भी डेमोक्रेट्स को बढ़त
मेन में डेमोक्रेट ग्राहम प्लैटनर को 51 प्रतिशत समर्थन मिला है, जबकि रिपब्लिकन सीनेटर सुसान कोलिन्स 45 प्रतिशत पर हैं। ओहायो में डेमोक्रेट शेरोड ब्राउन 49 प्रतिशत समर्थन के साथ रिपब्लिकन जॉन हस्टेड से आगे हैं, जिन्हें 44 प्रतिशत समर्थन मिला है। अलास्का में डेमोक्रेट मैरी पेल्टोला को 48 प्रतिशत और रिपब्लिकन सीनेटर डैन सुलिवन को 46 प्रतिशत समर्थन मिला है। वहीं, आयोवा में मुकाबला बेहद करीबी है। यहां डेमोक्रेट जोश ट्यूरेक को 48 प्रतिशत और रिपब्लिकन एश्ले हिंसन को 47 प्रतिशत समर्थन मिला है। मिशिगन में डेमोक्रेट अब्दुल अल-सईद 53 प्रतिशत समर्थन के साथ रिपब्लिकन माइक रोजर्स से आगे हैं, जिन्हें 42 प्रतिशत समर्थन मिला है।
सात राज्यों में कराया गया सर्वे
सर्वेक्षण में अलास्का के 610, आयोवा के 705, कंसास के 736, मेन के 714, मिशिगन के 1,011, ओहायो के 717 और टेक्सास के 1,215 मतदाताओं को शामिल किया गया। सीनेट में बहुमत हासिल करने के लिए डेमोक्रेट्स को अपनी मौजूदा सभी सीटें बचाने के साथ कम से कम चार रिपब्लिकन सीटों पर जीत दर्ज करनी होगी। इसे मुश्किल चुनौती माना जा रहा है, क्योंकि जिन सीटों पर डेमोक्रेट्स को जीत हासिल करनी है, उनमें से कई पारंपरिक रूप से रिपब्लिकन समर्थक राज्यों में हैं।
ट्रंप की लोकप्रियता और अर्थव्यवस्था बन सकती है चुनौती
सर्वेक्षणों के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप को लेकर मतदाताओं में नाराजगी और अर्थव्यवस्था को संभालने के उनके तरीके पर उठ रहे सवाल रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए मुश्किलें पैदा कर सकते हैं। हालांकि, न्यूयॉर्क टाइम्स/सिएना सर्वे में डेमोक्रेट्स को कई अहम सीनेट मुकाबलों में बढ़त दिखाई गई है, लेकिन चुनाव का अंतिम नतीजा इस बात पर निर्भर करेगा कि ये बढ़त वास्तविक वोटों में कितनी बदलती है। खासकर उन राज्यों में मुकाबला महत्वपूर्ण होगा, जो लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी के मजबूत गढ़ माने जाते रहे हैं।
(ANI)
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