संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने रोहिंग्या शरणार्थियों की 2026 तक की महत्वपूर्ण मानवीय जरूरतों को पूरा करने के लिए 710.5 मिलियन डॉलर की मदद की अपील शुरू की है।
न्यूयाॉर्क (अमेरिका)। संयुक्त राष्ट्र और उसके साझीदार संगठनों ने बांग्लादेश सरकार के साथ मिलकर, कॉक्स बाजार और भाशन चार में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थियों व स्थानीय मेज़बान समुदायों की अत्यन्त महत्वपूर्ण ज़रूरतों को पूरा करने के लिए लगभग 71 करोड़ डॉलर की सहायता अपील जारी की है।
घटती वैश्विक मदद के बीच सीमित संसाधनों से जीवनरक्षक प्रयास
वैश्विक स्तर पर अस्थिरता और सहायता धनराशियों में कटौती के बीच, यह अपील वर्ष 2025 की तुलना में 26% कम है और केवल जीवन रक्षक सहायता को बनाए रखने के लिए न्यूनतम आवश्यक राशि की ही ज़रूरत पूरी करेगी। गौरतलब है कि म्याँमार में वर्ष 2017 में सेना के उत्पीड़न से सुरक्षा की ख़ातिर भागकर बांग्लादेश पहुँचे लगभग 12 लाख रोहिंग्या लोग इन स्थानों पर रह रहे हैं।
15.6 लाख लोगों तक सहायता पहुँचाने का लक्ष्य तय
म्यांमार में जारी संघर्ष के कारण वर्ष 2024 की शुरुआत से अब तक अतिरिक्त एक लाख 50 हज़ार लोग बांग्लादेश भागने पर मजबूर हुए हैं, जिससे संसाधनों पर भारी दबाव पड़ा है। संयुक्त राष्ट्र और सहयोगी संगठनों द्वारा जारी की गई इस अपील का लक्ष्य लगभग 15 लाख 60 हज़ार लोगों तक जीवनरक्षक सहायता पहुँचाना है। 71 करोड़ डॉलर की यह सहायता अपील रणनीतिक रूप से सबसे गम्भीर मानवीय ज़रूरतों को प्राथमिकता देती है जिसमें इन मदों पर ये धनराशि ख़र्च करने का प्रस्ताव है।
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