संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने खाड़ी सहयोग परिषद के देशों और जॉर्डन पर ईरान के 'अत्यंत गंभीर' हमलों के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया।
न्यूयार्क। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने खाड़ी सहयोग परिषद के देशों और जॉर्डन पर ईरान के 'अत्यंत गंभीर' हमलों के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया। हमले की निंदा के साथ ही प्रस्ताव में ईरान से सभी हमले तत्काल बंद करने की मांग की गई। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की उसकी धमकियों की भी आलोचना की गई।
सुरक्षा परिषद में 13 वोट से प्रस्ताव पारित, चीन-रूस अनुपस्थित
वर्तमान में अमेरिका की अध्यक्षता में चल रही 15 देशों की सुरक्षा परिषद में बुधवार 11 मार्च को 13 मतों से प्रस्ताव को पारित किया गया। इसके विरोध में एक भी वोट नहीं पड़े जबकि वीटो पावर वाले स्थायी सदस्य चीन और रूस अनुपस्थित रहे।
भारत ने ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बांग्लादेश, भूटान, कनाडा, मिस्र, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, इटली, जापान, कुवैत, मलेशिया, मालदीव, म्यांमार, न्यूजीलैंड, नॉर्वे, ओमान, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, सिंगापुर, स्पेन, यूक्रेन, संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका, यमन और जाम्बिया सहित 130 से अधिक देशों के साथ बहरीन के नेतृत्व वाले प्रस्ताव का सह-प्रायोजन किया।
130 से अधिक देशों ने प्रस्ताव का किया समर्थन
इस प्रस्ताव को कुल 135 सह-प्रायोजकों का समर्थन प्राप्त था, जिसमें बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन की क्षेत्रीय अखंडता, संप्रभुता और राजनीतिक स्वतंत्रता के लिए अपने मजबूत समर्थन को दोहराया गया। इसने बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन के क्षेत्रों के खिलाफ ईरान द्वारा किए गए हमलों की कड़ी निंदा की और निर्धारित किया कि ऐसे कृत्य अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं और अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा हैं।
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/state/hc-flags-commercial-use-of-lucknows-janeshwar-mishra-park/148765
हाईकोर्ट ने दी जनेश्वर मिश्र पार्क के व्यावसायिक उपयोग पर पुनर्विचार की सलाह