पश्चिम एशिया में अमेरिका के विमानवाही पोत 'अब्राहम लिंकन (सीवीएन 72)' नौवहन नाकेबंदी लागू करने के लिए गश्त कर रहा है।
वाशिंगटन (अमेरिका)। पश्चिम एशिया में अमेरिका के विमानवाही पोत 'अब्राहम लिंकन (सीवीएन 72)' नौवहन नाकेबंदी लागू करने के लिए गश्त कर रहा है। यह नाकेबंदी ईरानी बंदरगाहों से जहाजों के आने जाने और सप्लाई प्राप्त करने तथा रिफ्यूलिंग रोकने के लिए की जा रही है। अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने सोमवार (स्थानीय समय) को यह जानकारी दी।
बड़े स्तर पर सैन्य तैनाती और ऑपरेशन
सेंटकाम ने 'एक्स' पर अपने पोस्ट में कहा है कि इस विमानवाहक पोत ने 18 अप्रैल को अरब सागर में जहाज- यूएसएनएस कार्ल ब्रशियर (टी-एकेई7) से ईंधन की सप्लाई ली। यह विमानवाही पोत मध्यपूर्व में ईरानी बंदरगाहों में जहाजों को आने जाने से रोक रहा है। सेंटकाम के अनुसार, अमेरिकी सेना ईरान के बंदरगाहों और तटरेखा को निशाना बनाते हुए एक बड़े पैमाने पर समुद्री नाकाबंदी को सक्रिय रूप से लागू कर रही है। इसमें 10,000 से अधिक कर्मी, एक दर्जन से अधिक नौसैनिक जहाज और 100 से अधिक विमान शामिल हैं।
तनाव के बीच बढ़ी अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी
अरब सागर में संचालित हो रहा यूएसएस अब्राहम लिंकन (सीवीएन 72) बढ़ते तनाव के बीच ईरानी जलक्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की उपस्थिति के पैमाने को उजागर करता है। एक अन्य अपडेट में, सेंटकॉम ने कहा, 'मार्गदर्शित मिसाइल विध्वंसक जहाज यूएसएस डेलबर्ट डी ब्लैक (डीडीजी 119) पर तैनात नाविक निगरानी रख रहे हैं, क्योंकि अमेरिकी सेना सतर्क है और ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में प्रवेश करने या निकलने का प्रयास करने वाले जहाजों के खिलाफ नाकाबंदी को लागू कर रही है।'
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