America : वॉशिंगटन। ताइवान के पास चीन के महायुद्धाभ्यास को देखते हुए अमेरिका ने अपने दो एयरक्राफ्ट कैरियरों और एक एम्फीबियस असॉल्ट शिप को..
America : वॉशिंगटन। ताइवान के पास चीन के महायुद्धाभ्यास को देखते हुए अमेरिका ने अपने दो एयरक्राफ्ट कैरियरों और एक एम्फीबियस असॉल्ट शिप को पश्चिमी प्रशांत महासागर में उतार दिया है। अमेरिकी ने यह कदम ताइवान के करीब चीन की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए उठाया है।
उसे आशंका है कि चीन युद्धाभ्यास की आड़ में ताइवान पर हमला कर सकता है। ताइवान के चौतरफा चल रहे इस युद्धाभ्यास में से कुछ अभ्यास तो ताइवान के तट से एकदम पास हैं। इस कारण ताइवान की सेना हाई अलर्ट पर है। अमेरिकी नौसेना संस्थान (यूएसएनआई) फ्लीट और मरीन ट्रैकर अपडेट के अनुसार, निमित्ज-क्लास कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के साथ नियमित अभियानों के लिए दक्षिण चीन सागर पहुंचा है।
यूएसएस लिंकन नवंबर के आखिर में सैन डिएगो से निकलने के बाद 11 दिसंबर को नेवल बेस गुआम में कुछ समय के लिए रुका था। इसके बाद यह एयरक्राफ्ट कैरियर दक्षिण चीन सागर में प्रवेश करने से पहले ताइवान के दक्षिण-पूर्व में फिलीपीन सागर में गया।
हाल की अमेरिकी नौसेना की तस्वीरों में एफ-35सी लाइटनिंग II स्टील्थ फाइटर जेट्स को यूएसएस अब्राहम लिंकन से उड़ान भरते और उतरते हुए दिखाया गया है। इन तस्वीरों में एफ-35सी लाइटनिंग II को हवा में रिफ्यूलिंग विमानों के साथ ईंधन भरते हुए दिखाया गया है। इससे लड़ाकू विमानों की ऑपरेशनल क्षमता कई गुना बढ़ जाती है। यूएसएस अब्राहम लिंकन 333 मीटर लंबा है। इस एयरक्राफ्ट कैरियर पर 90 फिक्स्ड विंग और हेलीकॉप्टर तैनात रहते हैं।
यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/state/amit-shah-attacks-mamata-banerjee-for14years-fear-and-corruption/103013