अमेरिका के कुछ प्रभावशाली सांसदों ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को चेतावनी दी है कि अगर चुनावों से पहले राजनीतिक दलों की भागीदारी पर रोक लगाई गई, तो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना संभव नहीं होगा।
बांग्लादेश में पार्टियों पर रोक से चुनाव निष्पक्ष नहीं होंगे
अमेरिकी सांसदों ने चेताया
ढाका । बांग्लादेश में हालात तनावपूर्ण हैं। फिर भी फरवरी में आम चुनाव होने हैं। ऐसे में स्थितियां युनूस के लिए चुनौतीपूर्ण बनी हैं। इसी बीच, अमेरिका के कुछ प्रभावशाली सांसदों ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को चेतावनी दी है कि अगर फरवरी में होने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक दलों की भागीदारी पर रोक लगाई गई, तो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना संभव नहीं होगा।
इन सांसदों ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने कहा कि सरकार को सभी राजनीतिक दलों से संवाद कर लोकतांत्रिक संस्थाओं में लोगों का भरोसा दोबारा कायम करना चाहिए। यह पत्र अमेरिकी सांसद ग्रेगरी डब्ल्यू. मीक्स, बिल हुइजेंगा और सिडनी कैमलैगर-डोव ने लिखा, जबकि जूली जॉनसन और थॉमस आर. सुओजी ने भी इस पर हस्ताक्षर किए।
मंगलवार को यूनुस को लिखे पत्र में सांसदों ने लिखा है-हम बांग्लादेश में राष्ट्रीय संकट के समय अगले साल फरवरी में होने वाले चुनावों से पहले एक अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए आपके आगे आने की इच्छा का स्वागत करते हैं। ये बहुत जरूरी है कि अंतरिम सरकार सभी राजनीतिक दलों के साथ मिलकर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए माहौल बनाए, जिससे लोग शांतिपूर्ण तरीके से मतदान के जरिए अपनी राय रख सकें, साथ ही ऐसे सुधार हों जो राज्य संस्थानों की निष्पक्षता और ईमानदारी में विश्वास बहाल करें।
उन्होंने चिंता जताई कि अगर सरकार राजनीतिक दलों की गतिविधियां निलंबित करती है या फिर विवादित अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण को दोबारा शुरू करती है, तो चुनाव प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा और कमजोर हो सकता है। अमेरिकी सांसदों ने यह भी याद दिलाया कि अमेरिकी विदेश विभाग और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने बांग्लादेश के 2018 और 2024 के आम चुनावों को पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं माना था। उनका कहना है कि आने वाले चुनाव की विश्वसनीयता इस बात पर निर्भर करेगी कि अंतरिम सरकार पहले की उन नीतियों से कितना अलग रास्ता अपनाती है, जिनकी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हुई थी।
-------
हिंदू युवक की हत्या पर जताई चिंता
ढाका। बांग्लादेश में एक हिंदू युवक की कथित मॉब लिंचिंग को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। अमेरिका के सांसदों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए बांग्लादेश सरकार से धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानून का राज बहाल करने की मांग की है।
इलिनॉय से डेमोक्रेट सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या को लक्षित हिंसा करार देते हुए कहा कि यह घटना देश में बढ़ती अस्थिरता और अशांति का संकेत है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ पारदर्शी जांच और सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है।
इसे भी पढ़ेंः
एपस्टीन फाइल के तीस हजार पन्ने जारी
https://www.primenewsnetwork.in/world/epstien-file-against-trump-fake/102370