अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने बुधवार को सोशल मीडिया पर भारत-विरोधी, दक्षिण एशियाई-विरोधी और हिंदू-विरोधी नफरत बढ़ने पर चिंता जताई।
वॉशिंगटन डीसी: अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने बुधवार को सोशल मीडिया पर भारत-विरोधी, दक्षिण एशियाई-विरोधी और हिंदू-विरोधी नफरत बढ़ने पर चिंता जताई। उन्होंने बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों पर ऑनलाइन नफरत से फायदा उठाने का आरोप लगाया और अमेरिकी कांग्रेस से इन कंपनियों को जवाबदेह ठहराने की अपील की।
सोशल मीडिया पर नफरत फैलने को लेकर जताई चिंता
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कृष्णमूर्ति ने कहा कि सोशल मीडिया पर भारत-विरोधी नफरत फैल रही है और बड़ी टेक कंपनियां इससे फायदा उठा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कंपनियों के पास नफरत फैलाने वाले कंटेंट को रोकने के लिए पर्याप्त प्रोत्साहन नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इन कंपनियों को जवाबदेह ठहराना चाहिए। कृष्णमूर्ति ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नफरत भरे कंटेंट की निगरानी करने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि X पर दक्षिण एशियाई समुदाय के खिलाफ नफरत को बढ़ावा देने वाली पोस्ट की संख्या बहुत कम समय में 240 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गई है। एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि बड़ी टेक कंपनियां अपने प्लेटफॉर्म पर भारत-विरोधी, हिंदू-विरोधी और दक्षिण एशियाई-विरोधी नफरत को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि संघीय स्तर पर ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे कार्रवाई नहीं करने पर इन कंपनियों को जवाबदेह ठहराया जा सके।
हिंदू मंदिर में गोलीबारी की कथित कोशिश के बाद बढ़ी चिंता
कृष्णमूर्ति की यह टिप्पणी दक्षिण एशियाई समुदायों के खिलाफ ऑनलाइन नफरत को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आई है। यह मामला 11 अक्टूबर को इलिनोइस के ऑरोरा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) हिंदू मंदिर में गोलीबारी की कथित कोशिश के बाद भी चर्चा में आया। कृष्णमूर्ति घटना के समय अपने परिवार के साथ मंदिर में पूजा कर रहे थे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस के 105 सदस्यों के साथ FBI निदेशक काश पटेल को पत्र लिखकर घटना की संभावित संघीय हेट क्राइम के तौर पर जांच करने की मांग की। इस समूह में कांग्रेस के सभी भारतीय-अमेरिकी सदस्य भी शामिल थे।
आरोपी पर नस्लीय और धार्मिक नफरत से जुड़े आरोप
अभियोजकों के मुताबिक, 19 वर्षीय एलेक्जेंड्रोस पापोरकिस ने कथित तौर पर मंदिर के बाहर एक व्यक्ति को गोली मारने की कोशिश की, लेकिन उसकी राइफल जाम हो गई। आरोप है कि वह वहां से भाग गया और बाद में लौटने की योजना बना रहा था। हालांकि, उसके एक सहकर्मी की सूचना के बाद पुलिस ने उसे उसी दिन गिरफ्तार कर लिया। अभियोजकों का आरोप है कि पापोरकिस ने आठ पन्नों का एक श्वेत वर्चस्ववादी घोषणापत्र भी लिखा था, जिसमें हिंदू पूजा स्थल पर भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा का जिक्र था।
FBI से संभावित हेट क्राइम की जांच की मांग
FBI निदेशक काश पटेल को लिखे पत्र में सांसदों ने कहा कि नस्लीय नफरत, धार्मिक स्थल और बड़े पैमाने पर हिंसा की कथित तैयारी के मेल को देखते हुए संघीय स्तर पर गंभीर कार्रवाई की जरूरत है। सांसदों ने स्थानीय जांचकर्ताओं को FBI की कथित मदद की सराहना करते हुए ब्यूरो से संभावित हेट क्राइम के पहलू पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या FBI ऑरोरा मामले में संभावित नस्लीय, जातीय और धार्मिक भेदभाव की जांच कर रही है। इसके अलावा, उन्होंने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या अन्य लोगों की कथित भूमिका और भारतीय-अमेरिकी, हिंदू-अमेरिकी तथा दूसरे दक्षिण एशियाई समुदायों के खिलाफ विश्वसनीय खतरों से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी मांगी।
इमिग्रेशन बहस में समुदायों को निशाना बनाने पर आपत्ति
सांसदों ने अपने पत्र में कहा कि इस तरह के संदेशों से नस्लीय और धार्मिक रूढ़ियों को सरकारी समर्थन मिलने का खतरा पैदा होता है। उन्होंने कहा कि इमिग्रेशन या सार्वजनिक सुरक्षा पर बहस भारतीय, सिख, हिंदू और दूसरे दक्षिण एशियाई समुदायों के प्रति सामूहिक संदेह को सही नहीं ठहरा सकती। सांसदों ने जारी जांच को ध्यान में रखते हुए अपने सवालों के लिखित जवाब 29 अक्टूबर तक मांगे।
अमेरिका में बढ़ते विभाजन पर भी उठाए सवाल
इससे पहले 20 अक्टूबर को कृष्णमूर्ति ने ANI से बातचीत में कहा था कि अमेरिका तेजी से बंटा हुआ नजर आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की बयानबाजी अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ दुश्मनी बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि देश के शीर्ष स्तर के नेता मुस्लिम, भारतीय और समलैंगिक लोगों जैसे समूहों को निशाना बना रहे हैं और उन्हें समाज की समस्याओं के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। कृष्णमूर्ति ने अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) के एक विवादित सोशल मीडिया पोस्ट का भी जिक्र किया, जिसे बाद में हटा दिया गया था। उस पोस्ट में ट्रांसफॉर्मर्स की थीम पर आधारित एक कार्टून के जरिए एक सिख व्यक्ति को दिखाया गया था। इसके साथ लिखा था, "हमारी सड़कों से हट जाओ, तुम्हें गाड़ी चलाना नहीं आता मिस्टर सिंह" और "सेल्फ-डिपोर्ट या पता करो"। कृष्णमूर्ति ने दावा किया कि इस पोस्ट के लगभग एक सप्ताह बाद मिस्टर सिंह नाम के एक सिख ट्रक ड्राइवर पर 17 बार चाकू से हमला किया गया और वह बाल-बाल बच गए। उन्होंने नफरत से जुड़े अपराधों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इस समस्या को रोकने के लिए शीर्ष स्तर से कदम उठाने होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के सभी स्तरों पर मिलकर काम करना जरूरी है।
(ANI)
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