अमेरिकी सीनेटर बर्नी मोरेनो एक ऐसा विधेयक ला रहे हैं, जिसके तहत दोहरी नागरिकता रखने वाले अमेरिकियों को दो देशों में से सिर्फ एक नागरिकता चुननी होगी।
एक देश चुनने की अनिवार्यता का प्रस्ताव
अमेरिकी सीनेटर बर्नी मोरेनो एक ऐसा विधेयक ला रहे हैं, जिसके तहत दोहरी नागरिकता रखने वाले अमेरिकियों को दो देशों में से सिर्फ एक नागरिकता चुननी होगी। अगर कोई आगे विदेशी नागरिकता लेना चाहता है, तो उसे अमेरिकी नागरिकता त्यागनी होगी।
सीनेटर मोरेनो का निजी अनुभव
मोरेनो कोलंबिया में जन्मे थे और बाद में उन्होंने अपनी कोलंबियाई नागरिकता छोड़ दी। उन्होंने कहा— “अमेरिकी बनना मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान था। अमेरिका के प्रति पूरी निष्ठा की शपथ लेना जीवन का खास पल था।”
“दोहरी नागरिकता अब खत्म होनी चाहिए”
मोरेनो का कहना है कि अमेरिकी नागरिकता एक बड़ा अधिकार है और इसे ‘सब कुछ या कुछ भी नहीं’ की तरह देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार अब समय है कि हमेशा के लिए दोहरी नागरिकता खत्म की जाए।
ट्रंप प्रशासन की नीति के अनुरूप कदम
विधेयक का नाम है— Exclusive Citizenship Act of 2025। यह कदम आव्रजन पर ट्रंप प्रशासन की सख्त नीतियों से मेल खाता है। अभी के कानून के अनुसार अमेरिकी नागरिक एक साथ दो देशों की नागरिकता रख सकते हैं।
हितों के टकराव रोकने की दलील
मोरेनो का कहना है कि दोहरी नागरिकता रखने से कई बार हितों का टकराव और निष्ठा बंटने जैसी स्थितियाँ पैदा होती हैं। यह बिल अमेरिकी हितों को मजबूत करने का दावा करता है।
लागू हुआ तो कैसे बदलेगी प्रक्रिया?
अगर यह कानून बना तो—
- दोहरी नागरिकता वाले अमेरिकियों को एक साल में फैसला करना होगा।
- या तो वे अपनी विदेशी नागरिकता छोड़ें,
- या अमेरिकी नागरिकता छोड़ने की जानकारी सरकार को दें।
एक साल में निर्णय न लेने पर व्यक्ति को स्वतः अमेरिकी नागरिकता छोड़ने वाला माना जाएगा।
कानूनी अड़चनों की आशंका
इस तरह के प्रयास पहले भी हो चुके हैं। हालांकि कई प्रस्ताव कोर्ट में अटके, और सुप्रीम कोर्ट पहले भी दोहरी नागरिकता को समर्थन देने वाले फैसले कायम रख चुका है। मोरेनो के बिल को भी अदालत में चुनौती मिलने की संभावना जताई जा रही है।
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