जब से अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की समुद्री घेराबंदी शुरू की है, तब से 21 जहाजों को ईरान लौटने के लिए मजबूर किया गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) ने शनिवार को इसकी जानकारी दी।
वाशिंगटन (अमेरिका)। पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के प्रयासों के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) ने शनिवार को बताया कि जब से अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की समुद्री घेराबंदी शुरू की है, तब से 21 जहाजों को ईरान लौटने के लिए मजबूर किया गया है। अमेरिका ने यह कदम क्षेत्र में जारी संघर्षों का पूर्ण समाधान निकालने और कूटनीतिक दबाव बनाने के लिए उठाया है।
अरब सागर में अमेरिकी नौसेना की कड़ी निगरानी
सेंटकाम ने 'एक्स' पर अपने पोस्ट में कहा है कि अमेरिकी नौसेना का मिसाइल विध्वंसक जहाज 'यूएसएस माइकल मर्फी' (डीडीजी 112) इस समय अरब सागर में सक्रिय रूप से गश्त कर रहा है। यह जहाज उन सभी जहाजों पर नजर रख रहा है जो ईरानी बंदरगाहों में आने या वहां से बाहर जाने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका के मुताबिक, अब तक 21 जहाजों ने अमेरिकी सेना के निर्देशों को पालन करते हुए वापस ईरान लौटने का फैसला किया है।
तनाव के बीच ट्रंप का सख्त संदेश
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव काफी बढ़ा हुआ है। अमेरिका ने ईरान से जुड़ी समुद्री गतिविधियों को रोकने के लिए अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट साझा की। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान के बंदरगाहों की यह घेराबंदी लागू रहेगी, जब तक कि ईरान के साथ कोई ठोस और शत प्रतिशत समझौता नहीं हो जाता। उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रक्रिया बहुत तेजी से पूरी होनी चाहिए।
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/world/trump-hints-at-no-ceasefire-extension-with-iran/175457
ईरान के साथ युद्धविराम को बढ़ाने पर ट्रंप का इनकार, बढ़ सकता है पश्चिम एशिया में तनाव