अमेरिका ने बुधवार को पाकिस्तान के पेशावर स्थित महावाणिज्य दूतावास को चरणबद्ध तरीके से बंद करने की घोषणा की।
इस्लामाबाद (अमेरिका)। अमेरिका ने बुधवार को पाकिस्तान के पेशावर स्थित महावाणिज्य दूतावास को चरणबद्ध तरीके से बंद करने की घोषणा की। इसके पीछे उसने राजनयिकों की सुरक्षा की चिंता और संसाधन के बेहतर प्रबंधन का हवाला दिया गया। अमेरिकी विदेश विभाग ने घोषणा की कि पेशावर स्थित महावाणिज्य दूतावास को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जाएगा। इसने बताया कि पेशावर कॉन्सुलेट से जुड़ी राजनयिक जिम्मेदारियां इस्लामाबाद में मौजूद अमेरिकी दूतावास को सौंप दी जाएंगी।
सुरक्षा और संसाधन प्रबंधन बना मुख्य कारण
बयान में जोर दिया गया कि, 'यह फैसला हमारे राजनयिक कर्मचारियों की सुरक्षा और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।' विदेश विभाग ने पाकिस्तान में प्राथमिकताओं में बदलान न होने की बात कही। इसने कहा, हालांकि, पेशावर में हमारी भौतिक मौजूदगी में बदलाव आ रहा है, लेकिन पाकिस्तान को लेकर प्रशासन की नीतिगत प्राथमिकताएं ज्यों की त्यों बनी रहेंगी।
खैबर पख्तूनख्वा में संपर्क रहेगा जारी
बयान आगे कहता है कि अमेरिकी अधिकारी खैबर पख्तूनख्वा में स्थानीय नेताओं और समुदायों के साथ संपर्क बनाए रखेंगे, ताकि आर्थिक संबंधों को बढ़ावा दिया जा सके, क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत किया जा सके और अमेरिकी लोगों के हितों को आगे बढ़ाया जा सके। विभाग ने बताया कि वह इस्लामाबाद, कराची और लाहौर में मौजूद मिशनों के जरिए पाकिस्तान में राजनयिक मौजूदगी बनाए रखेगा।
पहले से चल रहा था बंद करने का विचार
अमेरिका पिछले एक साल से इसे बंद करने पर विचार कर रहा था। सबसे पहले मार्च में इस बारे में रिपोर्ट सामने आई थी कि पेशावर कॉन्सुलेट को हमेशा के लिए बंद किया जा सकता है। उस समय विदेश विभाग ने कांग्रेस को बताया था कि इसे बंद करने से हर साल लगभग 75 लाख अमेरिकी डॉलर की बचत हो सकती है और इससे पाकिस्तान में अमेरिका रणनीतिक हितों पर भी बुरा असर नहीं पड़ेगा।
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