अमेरिका में मिडटर्म चुनाव से पहले प्रचार के आखिरी दिन व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में पूरे किए गए 127 वादों की सूची जारी की है।
वॉशिंगटन डीसी (अमेरिका): अमेरिका में मिडटर्म चुनाव से पहले प्रचार के आखिरी दिन व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में पूरे किए गए 127 वादों की सूची जारी की है। प्रशासन ने दावा किया है कि ट्रंप ने भारत समेत कई बड़े व्यापारिक साझेदारों के साथ बेहतर व्यापार समझौते किए हैं। इसके अलावा, भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव समेत आठ अंतरराष्ट्रीय विवादों में शांति स्थापित कराने का श्रेय भी ट्रंप प्रशासन ने अपने राष्ट्रपति को दिया है। व्हाइट हाउस ने सोमवार (स्थानीय समय) को ‘प्रेसिडेंट ट्रंप्स सेकंड टर्म: प्रॉमिसेज मेड, प्रॉमिसेज कीप्ट, रिजल्ट्स डिलीवर्ड’ शीर्षक से यह दस्तावेज जारी किया। इसमें सीमा सुरक्षा, आव्रजन, अर्थव्यवस्था, व्यापार, ऊर्जा, राष्ट्रीय सुरक्षा, तकनीक और विदेश नीति जैसे क्षेत्रों में ट्रंप प्रशासन के कामकाज का आकलन पेश किया गया है।
भारत समेत कई देशों के साथ बेहतर ट्रेड एग्रीमेंट का दावा
व्यापार के मुद्दे पर व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप ने भारत, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, जापान, चीन, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, फिलीपींस और कंबोडिया समेत अमेरिका के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ नए और बेहतर व्यापार समझौते किए हैं। दस्तावेज में दावा किया गया कि इन समझौतों में शामिल देशों की वैश्विक जीडीपी में आधे से अधिक हिस्सेदारी है। प्रशासन के मुताबिक, ट्रंप ने अमेरिकी कर्मचारियों, किसानों और विनिर्माताओं के लिए बेहतर शर्तें सुनिश्चित करने के उद्देश्य से टैरिफ का इस्तेमाल किया। हालांकि, भारत और अमेरिका ने फरवरी में एक संयुक्त बयान जारी कर अंतरिम व्यापार समझौते के लिए रूपरेखा की घोषणा की थी। इसमें दोनों देशों ने आपसी और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति जताई थी।
फरवरी में अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट के लिए बनी थी रूपरेखा
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया था, "संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि वे आपसी और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार (अंतरिम समझौते) के लिए एक रूपरेखा पर पहुंच गए हैं।" बयान में आगे कहा गया था कि दोनों देश इस रूपरेखा को तुरंत लागू करेंगे और तय रोडमैप के अनुसार अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे। इसके बाद व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को भी अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। फरवरी में हुई घोषणा एक अंतरिम समझौते के लिए रूपरेखा भर थी। उस समय दोनों देशों ने कहा था कि वे अंतरिम समझौते और बड़े द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे।
भारत-पाकिस्तान विवाद में शांति का श्रेय ट्रंप को
व्हाइट हाउस के दस्तावेज के विदेश नीति वाले हिस्से में भारत का भी जिक्र किया गया है। प्रशासन ने ट्रंप को आठ अंतरराष्ट्रीय विवादों में शांति स्थापित कराने का श्रेय दिया है। इनमें भारत-पाकिस्तान, इजरायल-ईरान, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य-रवांडा, कंबोडिया-थाईलैंड, कोसोवो-सर्बिया, मिस्र-इथियोपिया, आर्मेनिया-अजरबैजान और इजरायल-हमास के बीच के विवाद शामिल हैं। हालांकि, भारत ने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के साथ सैन्य तनाव खत्म करने में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के दावों को लगातार खारिज किया है। नई दिल्ली का कहना है कि सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति दोनों देशों के बीच सीधे सैन्य संपर्क के जरिए बनी थी। भारत के मुताबिक, पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) ने अपने भारतीय समकक्ष, उस समय के लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई से संपर्क किया था। भारत ने इस प्रक्रिया में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका से इनकार किया है। ट्रंप कई बार दावा कर चुके हैं कि उनके प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम कराने में मदद की थी और इसके लिए व्यापारिक फायदे का भी इस्तेमाल किया गया था। वहीं, भारत का कहना है कि यह सहमति दोनों देशों के बीच सीधे सैन्य संवाद के जरिए बनी थी।
रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने की कोशिशों का भी जिक्र
व्हाइट हाउस के दस्तावेज में कहा गया है कि ट्रंप प्रशासन रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने के लिए तीन पक्षों के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहा है। इसे प्रशासन ने ट्रंप के कूटनीतिक प्रयासों का हिस्सा बताया है। आव्रजन और सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर व्हाइट हाउस ने अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर सेना की तैनाती, सीमा दीवार का निर्माण दोबारा शुरू करने और ‘मेक्सिको में रहो’ नीति को फिर से लागू करने जैसे कदमों का जिक्र किया। प्रशासन के मुताबिक, अमेरिकी बॉर्डर पेट्रोल ने वित्त वर्ष 2026 में दक्षिण-पश्चिमी सीमा पर 98,708 लोगों को पकड़ा। इसे बाइडेन प्रशासन के दौरान सालाना औसतन 18 लाख से अधिक लोगों की गिरफ्तारी के मुकाबले 95 प्रतिशत कम बताया गया है। व्हाइट हाउस ने यह भी दावा किया कि 30 लाख से अधिक ऐसे प्रवासी देश छोड़ चुके हैं, जिनके पास जरूरी दस्तावेज नहीं थे। इनमें लगभग 12 लाख ऐसे लोग शामिल हैं, जिन्हें निर्वासित किया गया या देश से बाहर भेजा गया।
टैक्स कटौती और अर्थव्यवस्था पर गिनाईं उपलब्धियां
अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर दस्तावेज में कामकाजी परिवारों के लिए टैक्स कटौती का जिक्र किया गया है। इसमें प्रशासन की ओर से बताए गए ‘टिप्स पर कोई टैक्स नहीं’ और ‘ओवरटाइम पर कोई टैक्स नहीं’ जैसे प्रावधानों को ट्रंप के पूरे किए गए वादों में शामिल किया गया है। व्हाइट हाउस के मुताबिक, पहले टैक्स फाइलिंग सीजन में 5.3 करोड़ से अधिक करदाताओं ने कम से कम एक नई टैक्स कटौती का दावा किया। वहीं, औसत टैक्स रिफंड 3,400 अमेरिकी डॉलर से अधिक रहा। प्रशासन ने घरेलू तेल और गैस उत्पादन बढ़ाने, ऊर्जा आपूर्ति मजबूत करने और अमेरिकी विनिर्माण क्षेत्र को समर्थन देने के लिए टैरिफ के इस्तेमाल का भी उल्लेख किया। दस्तावेज में दावा किया गया कि ट्रंप की व्यापार और आर्थिक नीतियों के तहत कंपनियों और विभिन्न देशों ने अमेरिका में बड़े निवेश का वादा किया है।
AI, क्रिप्टोकरेंसी और स्पेस मिशन का भी जिक्र
तकनीक और अंतरिक्ष के क्षेत्र में व्हाइट हाउस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्शन प्लान की शुरुआत, स्टेबलकॉइन से जुड़े GENIUS एक्ट पर हस्ताक्षर और नासा के आर्टेमिस II मिशन का उल्लेख किया। दस्तावेज के मुताबिक, आर्टेमिस II मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों ने आधी सदी से अधिक समय में पहले मानवयुक्त चंद्र मिशन के दौरान पृथ्वी से इंसानों की अब तक की सबसे अधिक दूरी तय की। इसके अलावा, सूची में कानून लागू करने, सरकारी खर्च, क्रिप्टोकरेंसी और ऊर्जा नीति से जुड़े कदमों को भी शामिल किया गया है। इसमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी, सीनेटर रॉबर्ट एफ. कैनेडी और नागरिक अधिकार नेता मार्टिन लूथर किंग जूनियर की हत्याओं से संबंधित रिकॉर्ड जारी करने के उपायों का भी जिक्र है।
ट्रंप के सबसे ज्यादा चुनावी वादे पूरे करने का दावा
व्हाइट हाउस ने अपने बयान में दावा किया कि यह सूची दिखाती है कि ट्रंप ने किसी भी आधुनिक अमेरिकी राष्ट्रपति की तुलना में अधिक चुनावी वादे पूरे किए हैं और उन्हें तेजी से पूरा किया है। अमेरिका में मिडटर्म चुनाव मंगलवार, 3 नवंबर (स्थानीय समय) को होने हैं। इसमें प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की कुल 100 सीटों में से 35 सीटों के लिए मतदान होगा। इन चुनावों से तय होगा कि अगले दो वर्षों तक अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों पर किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा। इसका सीधा असर राष्ट्रपति ट्रंप के प्रशासन के विधायी एजेंडे पर भी पड़ेगा। डेमोक्रेट्स को प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करने के लिए तीन और सीनेट में बहुमत के लिए चार सीटों की शुद्ध बढ़त की जरूरत है। इन चुनावों को ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल के बीच एक बड़े राजनीतिक परीक्षण के तौर पर भी देखा जा रहा है, क्योंकि इनके नतीजे कांग्रेस में सत्ता का संतुलन तय करेंगे।
(ANI)
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