विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने गाजा से मरीजों की 'मेडिकल एवाकुएशन' प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोक दिया है।
जेनेवा (स्विट्जरलैंड)। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने गाजा से मरीजों की 'मेडिकल एवाकुएशन' प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोक दिया है। यह फैसला एक 'सुरक्षा घटना' में संगठन से जुड़े एक कॉन्ट्रैक्ट कर्मी की मौत के बाद लिया गया है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और बढ़ गई है।
WHO प्रमुख ने कर्मी की मौत पर जताया दुख
विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस एडहानोम घेब्रेयेसस ने अपने बयान में कहा कि इस घटना से संगठन बेहद दुखी है। उन्होंने पुष्टि की कि जिस व्यक्ति की मौत हुई वह संयुक्त राष्ट्र से जुड़े कार्यों में सहयोग कर रहा था। घटना के समय दो अन्य डब्ल्यूएचओ स्टाफ सदस्य भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन वे सुरक्षित हैं। इस घटना के तुरंत बाद गाजा से मिस्र के राफा बॉर्डर के जरिए मरीजों को बाहर ले जाने की प्रक्रिया को रोक दिया गया। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह निलंबन अगली सूचना तक जारी रहेगा और सुरक्षा हालात की समीक्षा के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।
गाजा का चरमराता हेल्थ सिस्टम
गाजा का हेल्थकेयर सिस्टम लंबे समय से दबाव में है और मौजूदा संघर्ष ने इसे लगभग ठप कर दिया है। 'मेडिकल एवाकुएशन' उन गंभीर मरीजों के लिए जीवन रेखा थी जिन्हें स्थानीय स्तर पर इलाज नहीं मिल पा रहा था। अब इस प्रक्रिया के रुकने से कई मरीजों की स्थिति और गंभीर हो सकती है। रिपोर्टों के अनुसार, अक्टूबर 2023 से अब तक 1700 से अधिक हेल्थकेयर वर्कर्स अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिक्स शामिल हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और भी सीमित हो गई है।
बढ़ता मानवीय संकट और खतरा
गाजा में लगातार हो रही हिंसा ने मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है। हाल ही में एक स्कूल के पास हुए हवाई हमले में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए। यह स्कूल विस्थापित लोगों के लिए आश्रय स्थल बना हुआ था। ड्रोन हमले में दो मिसाइलें दागी गईं, जिससे भारी नुकसान हुआ। ऐसे हालात में नागरिकों और राहत कर्मियों की सुरक्षा एक बड़ा सवाल बन गई है। डब्ल्यू ने सभी पक्षों से अपील की है कि मानवीय कार्यों में लगे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और संघर्ष को खत्म करने की दिशा में कदम उठाए जाएं।
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