स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) ने साइबर घटना से प्रभावित ग्राहकों को पर्सनली ईमेल या WhatsApp के ज़रिए बताया है कि उनके अकाउंट बैलेंस और फंड सुरक्षित हैं।
नई दिल्ली। स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) ने उन कस्टमर्स को पर्सनली ईमेल या WhatsApp के ज़रिए बताया है जिनका डेटा हाल ही में हुई साइबर घटना में शामिल पाया गया था, साथ ही अकाउंट होल्डर्स को भरोसा दिलाया है कि उनका बैलेंस और फंड सुरक्षित हैं, यह जानकारी PSU लेंडर ने शुक्रवार को जारी एक बयान में दी। यह सफाई तब आई है जब पब्लिक सेक्टर के लेंडर ने डार्क वेब पर सामने आए संदिग्ध डेटा के शुरुआती असेसमेंट के दौरान पर्सनली आइडेंटिफ़ाएबल इन्फ़ॉर्मेशन (PII) वाले 3,000 से ज़्यादा कस्टमर रिकॉर्ड की पहचान की, जिससे एक डिटेल्ड जांच शुरू हुई।
पर्सनली ईमेल और WhatsApp के ज़रिए किया मैसेज
एक रिलीज़ में कहा गया, “हाल ही में हुई साइबर घटना के बारे में हमारी पिछली पोस्ट के अलावा, बैंक ने उन सभी कस्टमर्स को पर्सनली ईमेल और/या WhatsApp के ज़रिए बताया है, जिनका डेटा शामिल पाया गया था। हम दोहराते हैं कि आपके अकाउंट का बैलेंस और फंड हमारे पास सुरक्षित हैं।” लेंडर ने कस्टमर्स को सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग प्रैक्टिस का पालन करने, अपने OTP, PIN या पासवर्ड किसी के साथ शेयर न करने और संदिग्ध कॉल, मैसेज और ईमेल से सावधान रहने की सलाह दी। मंगलवार को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में, बैंक ने कहा कि उसे 16 अक्टूबर को अपने थ्रेट इंटेलिजेंस सर्विस प्रोवाइडर, डिफेंस साइबर एजेंसी और CERT-In से डार्क वेब पर कस्टमर डेटा एक्सपोज़र के बारे में अलर्ट मिले।
शुरुआती एनालिसिस में 3,897 कस्टमर रिकॉर्ड की पहचान
लगभग 3.75 लाख रिकॉर्ड के शुरुआती एनालिसिस में 3,897 कस्टमर रिकॉर्ड की पहचान हुई, जिनमें पर्सनली आइडेंटिफ़ाएबल इन्फॉर्मेशन (PII) थी, जिसके बाद बैंक ने इस घटना की डिटेल्ड जांच शुरू की। रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सपोज़ हुई जानकारी में कस्टमर के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, नाम, जेंडर, ईमेल एड्रेस और घर के पते शामिल थे। इसमें ब्रांच और कस्टमर इन्फॉर्मेशन फ़ाइल (CIF) आइडेंटिफ़ायर, लीड ID, और लोन और लीड रिकॉर्ड और दूसरी संबंधित फ़ाइलों से जुड़े मेटाडेटा भी शामिल थे।
SBI ने साफ़ किया कि इस घटना का उसके बिज़नेस कोई खास असर नहीं पड़ा
बैंक ने कहा कि अलर्ट मिलने के बाद उसने तुरंत अपने साइबर इंसिडेंट रिस्पॉन्स और कंटेनमेंट उपायों को एक्टिवेट किया और घटना का असेसमेंट करने और संदिग्ध ब्रीच के नेचर और हद का पता लगाने के लिए एक इंडिपेंडेंट CERT-In-एम्पेनल्ड साइबर सिक्योरिटी एजेंसी को अपॉइंट किया। SBI ने आगे साफ़ किया कि इस घटना का उसके बिज़नेस ऑपरेशन, फ़ाइनेंशियल परफ़ॉर्मेंस या बिज़नेस कंटिन्यूटी पर कोई खास असर नहीं पड़ा है, और कहा कि उसके कोर बैंकिंग फ़ंक्शन बिना किसी रुकावट के नॉर्मल तरीके से चल रहे हैं।
(इनपुटः ANI)
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