भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की खुदरा बिक्री में कैलेंडर वर्ष 2025 में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। इस दौरान यात्री वाहनों और दोपहिया दोनों ने दमदार वृद्धि दर्ज की है।
वर्ष 2025 में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में आया जबरदस्त उछाल
कंपनियों ने 1.77 लाख कारें, 12.8 लाख दोपहिया वाहन बेचकर बनाया रिकार्ड
नई दिल्ली।
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की खुदरा बिक्री में कैलेंडर वर्ष 2025 में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। इस दौरान यात्री वाहनों और दोपहिया दोनों ने दमदार वृद्धि दर्ज की है। बाजार के मौजूदा रुझानों के मुताबिक इस सेक्टर में दबदबे में तेजी से बदलाव हो रहा है और सभी वाहन क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। टाटा मोटर्स, महिन्द्राटीवीएस और एमजी मोटर्स बड़े प्लेयर के रूप में उभरे हैं। कंपनियां बाजार में नये नये मॉडल ला रही हैं और पारंपरिक दिग्गजों को नई और फिर से दम दिखाने वाली कंपनियों से कड़ी टक्कर मिल रही है। लेकिन दुपहिया ईवी वाहन निर्माता ओला की बिक्री 4 लाख से घटकर आधी रह गई।
ऑटो डीलरों के संगठन फाडा के मुताबिक, बीते साल ई-कारों की रिटेल बिक्री 77% बढ़कर 1,76,817 तक पहुंच गई, जो 2024 में 99,875 थी। अब नए प्लेयर्स ने दिग्गज कंपनियों को चुनौती देना शुरू कर दिया है। टाटा मोटर्स अब भी लीडर है, लेकिन उसकी बाजार हिस्सेदारी में बड़ी गिरावट आई है। दूसरी ओर, जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर और महिंद्रा ने अपनी बिक्री में रिकॉर्ड इजाफा किया है। दोपहिया सेगमेंट में भी 11.36% की औसत ग्रोथ रही, 12.8 लाख ई-दोपहिया बिके। जहां टीवीएस और बजाज ने अपनी पकड़ मजबूत की है। हालांकि, ओला इलेक्ट्रिक के लिए यह साल संकट भरा रहा और उसकी बिक्री आधी रह गई।
टाटा शीर्ष पर
वर्ष 2025 में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने शीर्ष स्थान बनाए रखा और 70,004 इलेक्ट्रिक कारें बेचीं। यह पिछले साल के मुकाबले 13.28 प्रतिशत ज्यादा हैं। फिर भी, उसकी बाजार भागीदारी कैलेंडर वर्ष 2025 में घटकर 39.6 प्रतिशत रह गई जो एक साल पहले 61 प्रतिशत से अधिक थी। इससे बढ़ती प्रतिस्पर्धा का पता चलता है। जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया प्रमुख लाभार्थी के रूप में उभरी है और उसकी बिक्री दोगुनी से ज्यादा बढ़कर 51,387 वाहन हो गई। इससे उसकी बाजार हिस्सेदारी भी 21.8 प्रतिशत से बढ़कर 29.1 प्रतिशत हो गई।
महिंद्रा की सबसे तेज वृद्धि
महिंद्रा ऐंड महिंद्रा (एमएंडएम) ने बड़ी कंपनियों के बीच सबसे तेज वृद्धि दर्ज की, जिससे उसकी ईवी की खुदरा बिक्री 7,139 वाहन से लगभग 5 गुना बढ़कर 33,513 हो गई। इस वृद्धि को नए लॉन्च की मजबूत मांग से समर्थन मिला। गुंड, बीवाईडी, बीएमडब्ल्यू और किआ ने भी छोटी संख्या के बावजूद तीन अंक में वृद्धि दर्ज की, जबकि स्टेलेंटिस और वॉल्वो की बिक्री में गिरावट आई, जो प्रीमियम ईवी सेगमेंट के निचले स्तर पर दबाव का संकेत है।
विश्लेषकों का अनुमान है कि 2026 में थोड़ा फेरबदल संभव है क्योंकि मारुति सुजुकी इंडिया जैसे बाजार दिग्गज भी इस मैदान में उतर रही है। "बिजनेस स्टैंडर्ड" की रिपोर्ट के अनुसार प्राइमस पार्टनर्स के सलाहकार अनुराग सिंह का मानना है कि 15 लाख रुपये से कम वाले सेगमेंट में अधिक विकल्प आने से 2025 में ईवी की मांग में काफी वृद्धि हुई है।
टीवीएस ने मजबूत बढ़त दर्ज की
दुपहिया वाहन सेग्मेंट में टीवीएस मोटर कंपनी ने 298,881 वाहन बिक्री के साथ अपनी बढ़त मजबूत की और उसकी बाजार भागीदारी 19.21 प्रतिशत से बढ़कर 23.35 प्रतिशत पर पहुंच गई। बजाज ऑटो 269,847 वाहनों के साथ दूसरे स्थान पर रही। एथर एनर्जी ने अपनी स्थिति मजबूत की, जिसकी बिक्री 58.91 प्रतिशत बढ़कर 200,797 वाहन हो गई।
ओला को नुकसान
दोपहिया सेगमेंट में ओला इलेक्ट्रिक सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। ओला इलेक्ट्रिक की बिक्री 4.08 लाख से 51% गिरकर 1.99 लाख रह गई। इससे उसकी बाजार में हिस्सेदारी भी 35.47 प्रतिशत से घटकर 15.57 प्रतिशत हो गई।
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