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बैंकों को 7,623 करोड़ रुपये का हुआ नुकसान

रिलायंस एडीए समूह के ऋण गबन मामले में पूर्व सीईओ गिरफ्तार

सीबीआई के अनुसार, इन दोनों पूर्व अधिकारियों पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को कुल 7,623 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है।

रिलायंस एडीए समूह के ऋण गबन मामले में पूर्व सीईओ गिरफ्तार

नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) के पूर्व निदेशक और सीईओ देवांग मोदी और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) के पूर्व कार्यकारी निदेशक और सीईओ रविंद्र सुधालकर को रिलायंस एडीए समूह के उन मामलों की चल रही जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया, जिनमें बैंक ऋणों के कथित गबन का आरोप है।

बैंकों को कुल 7,623 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप

सीबीआई के अनुसार, इन दोनों पूर्व अधिकारियों पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को कुल 7,623 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है। आरसीएफएल मामले में, एजेंसी ने कहा कि आरोपियों ने 13 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) को 4097 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया। आरएचएफएल मामले में, नुकसान की राशि 10 पीएसबी को 3526 करोड़ रुपये है। जांच में पता चला है कि देवांग मोदी, जिन्होंने अप्रैल 2017 से दिसंबर 2018 तक आरसीएफएल के सीईओ के रूप में कार्य किया, कंपनी के संचालन के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार एक प्रमुख निर्णयकर्ता थे। सीबीआई ने कहा कि उन्होंने यह जानते हुए भी मध्यस्थ और बिचौलिया कंपनियों को ऋण स्वीकृत किए कि ऐसा ऋण देना आरबीआई के दिशानिर्देशों और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से ऋण लेने की शर्तों के विपरीत था।

रविंद्र सुधालकर कर चुका है सीईओ को रूप में काम

आरएचएफएल के मामले में, जांच में यह भी पता चला है कि रविंद्र सुधालकर ने 01.10.2016 से 31.03.2022 की अवधि के दौरान ईडी और सीईओ के रूप में कार्य किया और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड के संचालन के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार एक प्रमुख निर्णयकर्ता थे। एजेंसी ने आरोप लगाया कि उन्होंने कंपनी की ऋण नीतियों, एनएचबी/आरबीआई के दिशानिर्देशों और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से ऋण लेने की शर्तों के विपरीत मध्यस्थ और बिचौलिया कंपनियों को ऋण स्वीकृत किए। सीबीआई ने आगे कहा कि जांच में पता चला है कि आरोपियों ने आरएचएफएल और आरएचएफएल द्वारा लिए गए ऋण को रिलायंस एडीए समूह की कंपनियों, जिनमें रिलायंस कैपिटल लिमिटेड, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस पावर लिमिटेड शामिल हैं, को हस्तांतरित कर दिया, जिससे ऋण देने वाले बैंकों को कुल 7,623 करोड़ रुपये का गलत नुकसान हुआ और इसके परिणामस्वरूप उन्हें और संबंधित संस्थाओं को गलत लाभ हुआ।

सात एफआईआर दर्ज की हैं सीबीआई ने

गौरतलब है कि सीबीआई ने विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और एलआईसी से प्राप्त शिकायतों के आधार पर रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम), रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड (आरटीएल) के खिलाफ सात एफआईआर दर्ज की हैं। ये मामले जांच के अधीन हैं और माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इनकी निगरानी की जा रही है।
सीबीआई ने आरकॉम मामले में 29.05.2026 को कंपनी, आरकॉम के पांच वरिष्ठ अधिकारियों और दस बैंक अधिकारियों सहित 16 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल की थी। नवीनतम गिरफ्तारियों के साथ, सीबीआई ने रिलायंस एडीए समूह के मामलों में मोदी और सुधालकर सहित अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। आगे की जांच जारी है। (एएनआई)

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