सोने पर आयात शुल्क बढ़ाने और पीएम नरेंद्र मोदी की सोने की खरीद कम करने की अपील का असर अब दिखने लगा है।
नई दिल्ली: सोने पर आयात शुल्क बढ़ाने और पीएम नरेंद्र मोदी की सोने की खरीद कम करने की अपील का असर अब दिखने लगा है। एक महीने में सोने का आयात करीब 70 फीसदी तक घट गया है।
आयात शुल्क में बढ़ोतरी का भी पड़ा असर
भारत में सोने का आयात पहले जहां 70-100 टन तक होता था, अब ये घटकर 25-30 टन प्रति माह रह गया है। सरकार के एक सूत्र से मिली जानकारी के मुताबिक, इसका मुख्य कारण आयात शुल्क में बढ़ोतरी है, जो 6 फीसदी से बढ़कर 15 फीसदी की गई है।
गहनों की मांग में भी आई गिरावट
सोने की ऊंची कीमतें और गहनों की कम मांग भी गिरावट में योगदान दे रही हैं। वैश्विक स्तर पर सोने की रीसाइक्लिंग में भी इजाफा हुआ है। अप्रैल 2026 में सोने का आयात करीब 5.63 अरब डॉलर था, जो मई में घटकर 3.42 अरब डॉलर रह गया। आंकड़े बताते हैं कि सरकार के कदमों का असर साफ नजर आ रहा है।
पुराने गहनों की री-सायकल कराने में दिलचस्पी दिखा रहे लोग
सोने की ऊंची कीमतों ने गहनों की मांग को भी कमजोर कर दिया है। लोग अब अपने पुराने गहनों को रीसायकल करने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। ये वो गहने हैं, जो पहले कभी रीसायकल नहीं होते थे।
आयात कम होने से औपचारिक रास्ते से लाना अधिक व्यावहारिक
अब, जब सोने का आयात कम हो गया है, तो व्यापारियों के लिए औपचारिक रास्ते से आयात करना अधिक व्यावहारिक और कुशल हो गया है। दरअसल, जब कोई बड़ा वित्तीय लाभ नहीं होता, तो अनौपचारिक रास्तों का इस्तेमाल करने का कोई खास फायदा नहीं होता। इससे साफ है कि नियमित रास्ते से सोने का आयात करना अब भी सबसे सही तरीका है।