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NSE Q2 Results: मुनाफा ₹2,578 करोड़ पहुंचा

NSE Q2 FY27 Results: एनएसई का मुनाफा 23% बढ़कर ₹2,578 करोड़ हुआ, खर्चों में भारी गिरावट से बढ़ा मार्जिन

NSE ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 2,578 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया है। खर्च में 51 फीसदी की भारी कमी और ट्रांजैक्शन रेवेन्यू बढ़ने से मुनाफा 23 फीसदी बढ़ा है।

nse q2 fy27 results एनएसई का मुनाफा 23 बढ़कर ₹2578 करोड़ हुआ खर्चों में भारी गिरावट से बढ़ा मार्जिन

NSE Building (File Photo) |

नई दिल्ली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। एक्सचेंज का समेकित शुद्ध लाभ (Consolidated Net Profit) सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर 2,578 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। 

कारोबारी गतिविधियों में तेजी से मिली ट्रांजैक्शन फीस और बीते वर्ष की तुलना में कुल खर्चों में आई बड़ी गिरावट ने एनएसई के मुनाफे को मजबूत सहारा दिया है।

आय में 9 फीसदी की बढ़ोतरी

मंगलवार को जारी वित्तीय नतीजों के मुताबिक, दूसरी तिमाही के दौरान एक्सचेंज की कुल समेकित आय 9 प्रतिशत बढ़कर 4,554 करोड़ रुपये हो गई। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 4,160 करोड़ रुपये रहा था। 

कैश और इक्विटी ऑप्शंस सेगमेंट में ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ने से ट्रांजैक्शन शुल्क से होने वाली कमाई 9 प्रतिशत बढ़कर 3,035 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले 2,789 करोड़ रुपये थी।

कैश मार्केट वॉल्यूम में 24 फीसदी का उछाल

तिमाही के दौरान कैश मार्केट में औसतन रोजाना 1,18,377 करोड़ रुपये का कारोबार (ADTV) हुआ, जो पिछले साल के मुकाबले 24 प्रतिशत ज्यादा है। 

वहीं, प्रीमियम वैल्यू के आधार पर इक्विटी ऑप्शंस का ADTV 3 प्रतिशत बढ़कर 47,977 करोड़ रुपये रहा। इसके अलावा इक्विटी फ्यूचर्स सेगमेंट में दैनिक औसत कारोबार 1,24,574 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

खर्चों में 51 फीसदी की बड़ी कटौती

NSE के कुल समेकित खर्च में इस बार 51 प्रतिशत की भारी कमी देखी गई। यह घटकर 1,161 करोड़ रुपये रह गया, जबकि वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में खर्च 2,354 करोड़ रुपये था। 

दरअसल, पिछले साल की इसी तिमाही में एक्सचेंज ने कोलोकेशन और डार्क फाइबर से जुड़े मामलों के लिए सेबी (SEBI) सेटलमेंट फीस के तौर पर 1,297 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। इस बार वह देनदारी न होने से कुल खर्च आधा रह गया।

ऑपरेटिंग EBITDA दोगुना से अधिक बढ़ा

खर्चों में कटौती का सीधा फायदा एनएसई के मार्जिन पर दिखा। एक्सचेंज का समेकित ऑपरेटिंग EBITDA 107 प्रतिशत यानी दोगुने से अधिक बढ़कर 3,079 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि EBITDA मार्जिन 76 प्रतिशत दर्ज किया गया।

डेटा फीड और लिस्टिंग फीस से मजबूत कमाई

एक्सचेंज के अन्य आय स्रोतों में भी शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई। डेटा फीड और टर्मिनल सेवाओं से होने वाली आय 43 प्रतिशत बढ़कर 165 करोड़ रुपये हो गई। 

इसी तरह, नई कंपनियों की लिस्टिंग से जुड़ी सेवाओं (Listing Services) से मिलने वाला राजस्व 70 प्रतिशत के बड़े उछाल के साथ 150 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

पहली छमाही में खजाने को ₹41,234 करोड़ का योगदान

चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (H1FY27) के दौरान NSE की कुल समेकित आय 9 प्रतिशत बढ़कर 9,807 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 13 प्रतिशत बढ़कर 5,698 करोड़ रुपये रहा। 

एनएसई ने जानकारी दी कि पहली छमाही में उसने एसटीटी (STT), इनकम टैक्स, स्टाम्प ड्यूटी, जीएसटी और सेबी फीस के रूप में सरकारी खजाने में कुल 41,234 करोड़ रुपये का योगदान दिया है।

टोकनाइज्ड बॉन्ड और नए इंडेक्स को मिली हरी झंडी

एनएसई ने इस तिमाही में भारत के पहले 1,000 करोड़ रुपये के टोकनाइज्ड बॉन्ड जारी कराने में मुख्य भूमिका निभाई। 

इसके साथ ही, एक्सचेंज को 'निफ्टी इंडिया FPI 150 इंडेक्स' पर डेरिवेटिव्स और 'कॉर्पोरेट बॉन्ड इंडेक्स फ्यूचर्स' जैसे नए वित्तीय प्रोडक्ट्स लॉन्च करने के लिए रेगुलेटरी मंजूरियां भी मिल गई हैं।
(इनपुट: ANI)

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