SBI रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑनलाइन खरीदारी और पेमेंट अपनाने वाले परिवारों का मासिक खर्च अन्य परिवारों से 7.5% अधिक है। देश में 45.6% परिवार डिजिटल खरीदारी कर रहे हैं।
नई दिल्ली: SBI रिसर्च की एक रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, डिजिटल अपनाने से घरों में खपत बढ़ सकती है और सर्विसेज़ व ड्यूरेबल चीज़ों पर खर्च का डायवर्सिफिकेशन तेज़ी से हो सकता है, हालांकि भारत में ऑनलाइन खरीदारी की तरफ झुकाव अलग-अलग इनकम ग्रुप और प्रोडक्ट कैटेगरी में एक जैसा नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑनलाइन खरीदारी और पेमेंट प्लेटफॉर्म अपनाने वाले घरों का मंथली पर कैपिटा कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (MPCE) उन घरों की तुलना में 7.5 परसेंट ज़्यादा था, जिन्हें ऑनलाइन नहीं अपनाया गया, जबकि सर्विसेज़ और ड्यूरेबल चीज़ों पर उनका खर्च क्रमशः 23.4 परसेंट और 24.5 परसेंट ज़्यादा था। ये नतीजे एक फिक्स्ड-इफेक्ट्स लॉग-लीनियर मॉडल पर आधारित हैं जो घरों की खासियतों और राज्य-ज़िला फैक्टर्स को कंट्रोल करता है।
ऑनलाइन खरीदारी में अमीर परिवार आगे
रिपोर्ट में पाया गया कि 45.6 परसेंट भारतीय घरों ने कम से कम एक कंजम्पशन आइटम के लिए ऑनलाइन खरीदारी या पेमेंट सुविधाओं का इस्तेमाल करने की बात कही, जबकि 54.4 परसेंट ने ऐसा इस्तेमाल करने की बात नहीं कही। डिजिटल अपनाने से इनकम के आधार पर भी काफी फर्क दिखा। ऑनलाइन खरीद और भुगतान प्लेटफॉर्म का उपयोग करने वाले परिवारों का अनुपात निचले 20 प्रतिशत उपभोग पंचम में 25.3 प्रतिशत से बढ़कर शीर्ष 20 प्रतिशत में 69.5 प्रतिशत हो गया, जो 44.3 प्रतिशत अंकों का अंतर दर्शाता है। उपभोग श्रेणियों में डिजिटल खरीद उपभोग्य सामग्रियों और सेवाओं में केंद्रित थी, जो 39.68 प्रतिशत थी। इसके बाद टिकाऊ सामान 23.3 प्रतिशत थे। खाद्य पदार्थों की डिजिटल खरीद में केवल 7.10 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। खाद्य श्रेणियों में किराने की खरीद में 4.29 प्रतिशत के साथ सबसे अधिक डिजिटल अपनापन दर्ज किया गया। सब्जियों की ऑनलाइन खरीदारी 1.32 प्रतिशत, ताजे फल 1 प्रतिशत, सूखे मेवे 0.62 प्रतिशत और अंडा, मछली और मांस 0.59 प्रतिशत तक सीमित रही।
ऑनलाइन खरीदारी में कपड़े और सेवाओं की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा
ड्यूरेबल गुड्स में कपड़ों को ऑनलाइन 19.97 परसेंट लोगों ने अपनाया। इसके बाद जूतों को 12.05 परसेंट लोगों ने अपनाया। हालांकि, डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए फर्नीचर, मेडिकल इक्विपमेंट और मनोरंजन के सामान की खरीदारी सीमित रही। रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि कंज्यूमेबल्स और सर्विसेज़ में ऑनलाइन खरीदारी में सर्विसेज़ का हिस्सा सबसे ज़्यादा 37.93 परसेंट था। इसके बाद फ्यूल और लाइट का 15.96 परसेंट हिस्सा था। SBI रिसर्च ने कहा कि डिजिटल अपनाने का संबंध ज़्यादा कंजम्पशन इंटेंसिटी और ज़्यादा अलग-अलग तरह के घरेलू खर्च के पैटर्न से है, हालांकि इनकम के आधार पर बड़ा अंतर यह दिखाता है कि पूरे भारत में डिजिटल भागीदारी एक जैसी नहीं है।
(इनपुट: ANI)
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