प्रेस्टीज एस्टेट्स ने बाजार की अनिश्चितता और रणनीतिक कारणों से होटल कारोबार का 2,700 करोड़ रुपये तक का IPO फिलहाल टाल दिया है। पढ़ें पूरी खबर।
नई दिल्ली। रियल एस्टेट कंपनी प्रेस्टीज एस्टेट्स ने बाजार की अनिश्चित परिस्थितियों और अन्य वजहों का हवाला देते हुए अपने होटल कारोबार के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की योजना को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है। प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स लिमिटेड की सहायक इकाई प्रेस्टीज हॉस्पिटैलिटी वेंचर्स लिमिटेड (PHVL) ने IPO लाने के लिए पिछले साल अप्रैल में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास मसौदा रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा किया था।
2,700 करोड़ जुटाने की थी योजना
कंपनी की पब्लिक ऑफरिंग के जरिए 2,700 करोड़ रुपये तक जुटाने की योजना थी। कंपनी ने शुक्रवार को शेयर बाजार को बताया कि निदेशक मंडल ने "रणनीतिक विचारों और बाजार की अनिश्चित स्थितियों को देखते हुए DRHP वापस लेने" का निर्णय लिया है। PHVL बाजार की अनुकूल परिस्थितियों, आवश्यक मंजूरियों और अन्य पहलुओं को ध्यान में रखते हुए भविष्य में अपने इक्विटी शेयरों के IPO के लिए SEBI के समक्ष नए सिरे से मसौदा दस्तावेज दाखिल करने पर विचार कर सकती है।
बेंगलुरु की प्रमुख डेवलपर कंपनी
इस साल अगस्त में प्रेस्टीज एस्टेट्स ने बताया था कि कनाडा की निवेश फर्म CPPIB उसकी आतिथ्य शाखा में 3,000 करोड़ रुपये तक का निवेश करेगी। बेंगलुरु स्थित प्रेस्टीज एस्टेट्स देश के प्रमुख रियल एस्टेट डेवलपरों में से एक है। यह प्रमुख शहरों में आवास, कार्यालय, मॉल और होटल विकसित करती है। कंपनी के पास कई होटल हैं।
(इनपुट: PTI)
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