शेयर बाजार में सोमवार को जोरदार तेजी रही। क्रूड ऑयल में गिरावट, FIIs की खरीदारी और बेहतर Q1 नतीजों के दम पर सेंसेक्स-निफ्टी उछले। निवेशकों की नजर अब आरबीआई पॉलिसी पर है।
मुंबई (महाराष्ट्र)। घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी गिरावट, विदेशी निवेशकों (FIIs) की ताजा खरीदारी और रुपये में मजबूती के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी शानदार बढ़त के साथ बंद हुए। निवेशकों की नजरें अब आगामी आरबीआई (RBI) की मौद्रिक नीति बैठक पर टिकी हैं।
मुख्य आंकड़े और मार्केट हाइलाइट्स (Key Highlights / Data Points)
- निफ्टी 50 (Nifty 50): 390.70 अंक (1.60%) की जबरदस्त तेजी के साथ 24,774.30 पर बंद हुआ।
- बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex): 544.39 अंक (0.70%) की बढ़त लेकर 78,639.03 पर बंद हुआ।
- कच्चा तेल (Brent Crude): भू-राजनीतिक तनाव कम होने से ब्रेंट क्रूड 4% से ज्यादा लुढ़ककर 83.8 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
- विदेशी मुद्रा (Rupee): खबर लिखे जाने तक भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.33 पर कारोबार कर रहा था।
- सेक्टोरल प्रदर्शन: निफ्टी आईटी (Nifty IT) सबसे आगे रहा, जिसमें 2.68% का उछाल आया। इसके अलावा निफ्टी एफएमसीजी (1.72%), मेटल (1.55%), ऑटो (1.48%), पीएसयू बैंक (1.41%), कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (1.39%), ऑयल एंड गैस (0.97%), और फार्मा (0.49%) में भी तेजी रही। हालांकि, निफ्टी मीडिया एकमात्र ऐसा प्रमुख सेक्टर रहा जो 3% से अधिक गिरकर लाल निशान में बंद हुआ।
घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार का सत्र निवेशकों के लिए राहत भरा रहा। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा बातचीत की उम्मीदों के चलते कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। इससे महंगाई (Inflation) और कंपनियों की कमाई (Corporate Earnings) को लेकर चिंताएं कम हुई हैं, जिससे बाजार का सेंटिमेंट मजबूत हुआ है।
इसके साथ ही, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के दोबारा निवेश शुरू करने और रुपये में आई मजबूती ने बाजार को और सपोर्ट दिया। हालांकि, जानकारों का मानना है कि अमेरिका में ऊंचे बॉन्ड यील्ड (U.S. Bond Yields) अभी भी उभरते बाजारों (Emerging Markets) में विदेशी फंड के टिके रहने के लिए एक बड़ा जोखिम बने हुए हैं।
Q1 नतीजे और निवेशकों का असर:
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1FY27) के कॉरपोरेट नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं। खासकर स्मॉल-कैप (Small-cap) कंपनियों ने लार्ज-कैप और मिड-कैप के मुकाबले कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। अब निवेशकों का पूरा फोकस आरबीआई की आने वाली पॉलिसी मीटिंग पर है, जहां ब्याज दरों के यथावत (Unchanged) रहने की पूरी उम्मीद है, लेकिन महंगाई के रुख और लिक्विडिटी पर केंद्रीय बैंक के रुख पर सबकी नजर रहेगी।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई 1.13% गिरकर 63,643 पर, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 5% से अधिक टूटकर 6,257 पर और सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स 0.29% फिसलकर 5,612 पर बंद हुआ। इसके विपरीत, हांगकांग का हैंग सेंग 0.54% की बढ़त के साथ 26,026 पर बंद हुआ।
स्मार्ट FAQ (Smart FAQ Block)
Q1: शेयर बाजार में अचानक आई इस तेजी के पीछे मुख्य वजह क्या है?
उत्तर: कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में 4% से अधिक की भारी गिरावट, विदेशी निवेशकों (FIIs) द्वारा दोबारा निवेश शुरू करना और कंपनियों के Q1 नतीजे उम्मीद से बेहतर रहना इस तेजी की मुख्य वजहें हैं।
Q2: क्या निवेशकों को आरबीआई की आगामी बैठक से कोई बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है?
उत्तर: जानकारों का अनुमान है कि ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा, लेकिन निवेशक महंगाई के जोखिम, नकदी की स्थिति और भविष्य की आर्थिक दिशा पर आरबीआई गवर्नर के बयानों पर गहरी नजर बनाए हुए हैं।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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