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सांसद राजकुमार रोत ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

सांसद ने निष्पक्ष जांच और पात्र परिवारों को अधिकार दिलाने का दिया भरोसा

डूंगरपुर जिले की बिछीवाड़ा तहसील के मालमाथा, आसियावाव, खजूरी और धामोद सहित विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने सांसद राजकुमार रोत से मुलाकात कर अपनी वनाधिकार एवं भूमि से जुड़ी समस्याएं रखीं।

सांसद ने निष्पक्ष जांच और पात्र परिवारों को अधिकार दिलाने का दिया भरोसा

सांसद राजकुमार रोत ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं |

डूंगरपुर: जिले के बिछीवाड़ा तहसील क्षेत्र के मालमाथा, आसियावाव, खजूरी, धामोद सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने डूंगरपुर-बांसवाड़ा सांसद राजकुमार रोत से मुलाकात कर वनाधिकार एवं भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 1985 में करीब 148 बीघा राजस्व भूमि वन विभाग के नाम हस्तांतरित होने के बाद से कई आदिवासी परिवारों के भूमि संबंधी मामले लंबित हैं।

साल 2002-03 में शुरू हुई थी भूमि के सर्वे एवं नियमन की प्रक्रिया

ग्रामीणों के अनुसार, साल 2002-03 में भूमि के सर्वे एवं नियमन की प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं होने से यह पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद वनाधिकार अधिनियम, 2006 के तहत दावे प्रस्तुत किए गए, जिनमें वर्ष 2021 की कार्यवाही के दौरान कई दावों को अपात्र माना गया। ग्रामीणों ने अपात्र किए गए दावों का पुनः निष्पक्ष परीक्षण कराने के साथ जीपीएस सर्वे में बताई गई तकनीकी त्रुटियों को दूर करने और वास्तविक कब्जे का मौके पर संयुक्त सर्वे एवं सत्यापन कराने की मांग रखी।

सांसद राजकुमार रोत ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

सांसद राजकुमार रोत ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए मामले को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाने और वनाधिकार दावों की निष्पक्ष जांच एवं पात्र परिवारों के अधिकार सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक पहल का भरोसा दिलाया। इस दौरान गांव सभाओं एवं वनाधिकार समितियों के सदस्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। 

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